नीम के पेड़ का महत्व, फायदे और उपयोग – Neem Ke Patte Khane ke fayde

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Neem Ke Patte Khane ke fayde

नीम का पेड़ भारत देश की आन बान और शान है। उत्तर भारत से लेकर पश्चिम भारत तक शायद ही ऐसा कोई कोना होंगा जहाँ पर नीम का पेड़ ना उगा हो। मैं आपसे आज एक वादा करना चाहता हूँ। यदि आप इस पोस्ट को शुरुआत से अंत तक पढ़ते हैं तो नीम पेड़ के बारे में ऐसी अमूल्य और उपयोगी जानकारी प्राप्त करेंगे जो इससे पहले आपने कही ओर पुस्तकों, लेखों या पत्रिकाओं में नही पढ़ी होंगी। मेरे खुद के घर के सामने और आसपास के इलाके में 60 से अधिक नीम पेड़ (Neem Tree) लगे हुए हैं। अब चलिए जानते हैं नीम का परिचय, विशेषता, वैज्ञानिक महत्व, चमत्कारीक लाभ और भी बहुत कुछ Hindi Language में।

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नीम के पेड़ का इतिहास ( History of Neem tree in Hindi )

नीम के पेड़ का वर्णन हमारे कई आयुर्वेद के शास्त्रों में मिलता है जिसमें स्वास्थ्य जगत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ऋषि कहते हैं की ‘ नीम की छाल, नीम फल, पत्ते व इससे निकलने वाली हर चीज शरीर के लिए उपयोगी होती है। इसके जादुई गुणों को सबसे पहले भारत में पहचाना गया था। उसके बाद फिर राजा विक्रमादित्य ने इसे चारों ओर फैलाया। इसका मतलब यह हुआ की आज भारतवर्ष में जितने भी नीम के पेड़ आप देखते हैं उसका पूरा श्रेय राजा विक्रमादित्य को जाता है। वरना ये पेड़ भी अन्य वृक्षों और औषधीय पौधों की तरह कब के विलुप्त हो गया होता। सम्राट विक्रमादित्य के बारे में एक अच्छी बात बता देता हूँ। सिर्फ नीम के प्रचार के अलावा राजा विक्रमादित्य ने भारत देश के लिए इतने महान-महान कार्य किए हैं की इनके कार्यो से खुश होकर ही भारत के ऋषियों ने हिन्दू नववर्ष कैलेंडर में जो तिथि / संवत होता है उसका नाम ‘विक्रम संवत’ रखा गया। इस महान भारत माता के सपूत को मेरा दंडवत प्रणाम।

नीम के पत्ते खाने के 10 बड़े फायदे (Neem medicinal uses)

  1. नीम के पेड़ से निकली कोई भी चीज खराब नही जाती। त्वचा रोग (स्किन प्रॉब्लम) से संबंधित सभी बीमारियों का निवारण नीम के पत्तो में है।
  2. नीम 40 से अधिक गंभीर बीमारियों में रामबाण औषधि का काम करती है।
  3. बेक्टिरिया, फंगस, कवक, वायरस, परजीवी, सृजन व ज्वरनाशक, इन सबको खत्म करने में बहुत प्रभावी है।
  4. बुखार, खांसी, जुकाम, मलेरिया बुखार, इनफेक्शनल डिजीज में कोई भी व्यक्ति यदि नीम के चार से पांच पत्ते भूखे पेट खाए और उस दिन सिर्फ फलाहार ले तो उपरोक्त सभी रोग एकदिन में प्राकृतिक रूप से ठीक हो सकते हैं।
  5. नीम का उपयोग खेतो में कीटनाशक के रूप में किया जाता है। ये कीड़े, मच्छरों, और सांपों को दूर रखता है।
  6. सबसे अच्छी बात नीम पक्षियों का नुकसान नही करता।
  7. नीम का उपयोग भारत के खाद्य गोदामों में किया जाता हैं क्योकी अवांछित किट और दीमक को दूर रखता हैं।
  8. नीम के प्रतिदिन सेवन से कभी डायबिटीज रोग नही होंगा। और यदि है तो वो कंट्रोल में रहेगा।
  9. नीम के पत्तो का तेल बालों की समस्या (hair problems) को दूर करता है।
  10. नीम का प्रयोग विभिन्न प्रकार के सौंदर्य प्रसाधन उत्पादो को तैयार करने में किया जाता है।

नीम के दातुन के फायदे [ Neem Stick Datun Toothbrush benefits ]

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सभी वैदिक ऋषि नीम के दातुन से अपने दांत साफ करते थे। ज्याददतर नई पीढ़ी के लोग सब फायदे मालूम होने के बाद भी नीम के दातुन से इसलिए दांत साफ नही करते हैं क्योकी उनको दांतो में खून आने की समस्या आ जाती है। लेकिन इसका समाधान मुझे मिल गया है और ये क्यों होता है उसका भी कारण मालूम पड़ गया है। जब आप सूखी नीम की लकड़ी से करते हैं तो ये प्रॉब्लम आती है। यदि आप गीली नीम की लकड़ी से दातुन करते हैं तो कोई दिक्कत नही आएगी। इसके अलावा आप जो भी नीम स्टिक पेड़ से तोडकर लाते हो उसको कुछ घण्टे पानी में भिगो दें। फिर वो एकदम सॉफ्ट हो जायेगी। नीम दातुन करने से दांत तो साफ होते ही है साथ में उससे निकलने वाला रस जब पेट में जाता है तो पेट भी एकदम साफ हो जाता है पाचन तंत्र अच्छा हो जाता है।

नीम के तेल के उपयोग के बारे अनसुनी जानकारी ( neem oil benefits )

नीम के तेल के कई उपयोग है जिनमें से सबसे प्रभावशाली तरीका ये आपको मच्छरों को काटने से बचाता है।  रात को सोते समय पूरे शरीर पर नीम के तेल की मालिश करने से आपको एक भी मच्छर नही काटेगा। ये तेल आप घर पर भी बना सकते हैं। इसके अलावा नीम के तेल का एक सीक्रेट नेचुरल प्रयोग है जो इस पोस्ट के FAQ उपबिन्दु में बताया गया है। इसलिए पूरी पोस्ट पढ़े। आपको वो खास सीक्रेट जानकारी प्राप्त हो जाएगी।

 नीम की छाल के फायदे (neem ki chaal)

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नीम के पेड़ पर उगने वाली छाल का उपयोग बहुत सारे कामो में होता है। उनमें से सबसे महत्वपूर्ण यह है की आपके शरीर में किसी भी जगह खुजली चल रही है तो ‘नीम की छाल’ को पानी में भिगोकर एक सपाट पत्थर पर घीसे और जो उस घर्षण के बाद काला-काला पेस्ट निकलता है उसको हाथ से लेकर जहाँ पर खुजली चल रही है वहाँ पर लगा दे। और थोड़ी देर तक उस खुजली वाली जगह को खुला रखे, उस पर हवा पड़ने दे आप पाएंगे की कुछ ही सेकंड में आपकी खुजली छूमंतर हो जाएगीं। इसके अलावा चेहरे पर किसी प्रकार का संक्रमण हो जाए तो ऐसी स्थिति में भी आप नीम की छाल का प्रयोग कर सकते। ‘Neem Ki Chaal’ का सबसे बड़ा फायदा यह है की आपके शरीर के किसी भी अंग पर किसी भी कारण फोड़ा हो गया, रसी हो गई, चोट लग गई, वहाँ पर ये नीम की छाल को साफ जगह पर रगड़कर उसका लिक्विड गाड़ा पेस्ट लगाने से आपकी वो चोट और अधिक नही फैलेंगी। इसके अलावा नीम की छाल के चूर्णों और जड़ो को पालतू जानवरों के शरीर पर लगाया जाता है। ताकि देहिका दूर हो जाए।

मीठी नीम और कड़वी नीम में अंतर ( difference between meethi and Kadvi khari neem )

भारत के कुछ राज्यो में नीम की दूसरी किस्म आपको देखने को मिलेंगी। विशेषकर राजस्थान में मीठी नीम का पेड़ आपको दिख जायेगा। मीठी नीम के पत्ते सब्जियों में मसाले के रूप में स्वाद बढ़ाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं। मीठी नीम के पत्ते खाने से बाल काले हो जाते हैं। राजस्थान की औरतें छाछ से बनने वाली सब्जी कड़ी में और दाल में इसको डालती है। मीठी नीम का पेड़ दिखने में हूबहू वैसा ही होता है जैसा की सामान्य नीम का। इस तरह आपने मीठी नीम के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की।

नीम के पेड़ पर लगने वाला फल निम्बोली के क्या फायदे है? (Neem ki nimboli)

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आपको जानकारी के लिए बता दूं। की नीम के फल को हिंदी में निम्बोली कहते हैं और ये फल मार्च, अप्रेल और मई तीन महीने तक पेड़ पर लगते हैं। ये खाने में इतने स्वादिष्ट होते हैं की एकबार आप पेड़ पर चढ़ गए तो फिर आपको नीचे उतरने का मन नही होंगा। ये तीन चरण के बाद लगते हैं पहले सफेद -सफेद फूल लगेंगे, उसके बाद हरे रंग की निम्बोली लगेंगी जिसको कच्चा निम्बोली भी बोलते हैं ये खाने में कड़वा होता है। लेकिन कुछ ही दिनों के भीतर ये सारे हरे रंग के निम्बोली पीले रंग के हो जाते हैं। इसका मतलब ये सभी फल अच्छे से पक जाते हैं और फिर आप इनको खा सकते हैं। निम्बोली फल का स्वाद मीठा होता है इसमें प्राकृतिक शक्कर होती है। इसके अलावा निम्बोली के अंदर एक बीज होता है उसको खाना नही है सिर्फ चूसकर बाहर फेंकना है। नीम की निम्बोली फल पर पीले रंग का कवर आता है ये प्रकृति इस फल की सुरक्षा के लिए लगाती है ताकि इसमें किसी भी प्रकार के कीड़े-जंतु प्रवेश ना करें। मैं जब भी अपने गाँव में गर्मियों के मौसम में जाता हूँ तो पेट भरकर ये ‘NIMBOLI’ खाता हूं। अब करते हैं निम्बोली के गुणों की बात इसके अंदर जो बीज होता है वह भी तेल देता है। इसके अलावा निम्बोली में विटामिन्स, मिनरल्स, एन्टी बैक्टीरियल तत्त्व और भी बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं।

नीम के गोंद से क्या होता है?( neem ki gond ke fayde)

पहले तो बात करते है नीम गोंद किसे कहते हैं? ये नीम पेड़ पर सबसे नीचे आता है। नीम गोंद साल में एकबार ही पेड़ पर लगता है। कभी-कभार छाल पर भी लग जाता है और कभी कभार ये एक छाल को हटाकर एक अलग ही खुदरा (साफ) स्थान बनाता है। उस जगह पर नीम का गोंद मिलता है। ये खाने में अन्य गोंद की तरह स्वादिष्ट नही होता है। नीम का गोंद खून के प्रवाह को बढ़ाता है, स्फूर्ति देता है। लेकिन सावधानी ये रखे अत्यधिक मात्रा में सेवन ना करें। नीम का गोंद नीम के पेड़ से कैसे प्राप्त करें? आप अपने गांव-शहर के सभी नीम के पेड़ पर जाए और उसकी नीचे की सतह से जहाँ तक आप देख सकते है। मतलब जितनी आपकी ऊंचाई है वहाँ तक नजर घुमाए। और देखें की वहाँ गोंद लगा हुआ है या नही। पेड़ के ऊपरी हिस्से पर गोंद नही लगा होता है। ये मेरा व्यक्तिगत अनुभव है।

नीम के पेड़ के पत्तो से बने उत्पादो का व्यापार Neem Business Ideas in Hindi

ये पैराग्राफ भारत के सभी बेरोजगार युवाओं  के लिए लिख रहा हूँ। क्या आपको पता है? भारत में सेकड़ो विदेशी और स्वदेशी कंपनियां  नीम के पेड़ से आयुवेर्दिक दवाइयां और उत्पाद (Products) बनाकर करोड़ो रूपये कमा रही है। जिनमें हिमालय, पंतजलि और डाबर कुछ गिने-चुने नाम है। नीम का तेल, नीम का अर्क, नहाने का साबुन, क्रीम, उबटन, फेसवॉश, फेस स्क्रब, नीम टूथब्रुश जैसी अनेक वस्तुओं का निर्माण करके भारत व पूरी दुनिया में आप बेच सकते हैं। भारत में सिर्फ नीम के उत्पाद बनाने वाले कई स्टार्टअप्स बने हुए हैं। जिनका सालाना टर्न ओवर करोडो रुपए में है। यदि आप बिजनेस माइंडसेट वाले युवा है तो ये बेस्ट बिजनेस आइडिया है। सबसे अच्छी बात इस बिजनेस के अंदर आपको पेड़ नही काटना पड़ता सिर्फ आपको उसके पत्तो की (tree leaves) की आवश्यकता होती है। जो की तोड़ने के बाद कुछ ही दिनों में वापस उग जाते हैं।

नीम पर सवाल जवाब FAQ On Neem Tree

भारत के किस राज्य में नीम के सर्वाधिक पेड़ लगे हुए हैं?

उत्तर - भारत में सबसे ज्यादा नीम के पेड़ उत्तरप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य में लगे हुए हैं।

Neem Capsule खाने चाहिए या नही?

उत्तर - भूल से ना खाए। एक लाइन में समझ जाओ वरना जीवनभर पछताओगे। नीम कैप्सूल का विकल्प है नीम का एक पत्ता। आपके शहर में नीम का पेड़ ना हो तो नजदीकी गांव में जाकर एक महीने का जितना आप पत्ते खा सकते है उतना पेड़ से तोड़कर थैली में डालकर घर पर ले आइए।

भारत में किस राज्य में नीम के पेड़ की पूजा होती है?

उत्तर - भारत के राजस्थान राज्य में किसी विशेष त्यौहार पर महिलाएं घर से लोटा भरकर लेकर जाती है और 'नीम वृक्ष' को जल चढ़ाती है। इसके अलावा वे अन्य सनातन धर्म के रिवाजो का पालन करती हुई हाथ जोड़कर उनसे परिवार की समृद्वि के लिए पूजा-अर्चना करती है।

Q.4) Roop Mantra Neem face wash ke fayde in hindi ( neem face pack, face scrub, neem beauty products disadvantage)

उत्तर – नीम का कोई भी फेसवॉश लगाने की आवश्यकता नही है क्योकी नीम के घटक उसमें 10 या 20 प्रतिशत होते हैं बाकी सब 80% हानिकारक कैमिकल मिलाए जाते हैं। इससे अच्छा आप सीधे नीम के पत्तो का पेस्ट बनाकर और उसमें अन्य सौन्दर्य प्रसाधन की नेचुरल चीजें मिलाकर चेहरे पर रगड़ें और फिर मुंह धो ले। जिससे आपको ताजगी भी मिलेगी और वास्तव में आपका चेहरा ठीक हो जाएगा। ये प्रयोग लड़के और लड़कियों दोनो के लिए है।

यह जरूर पढ़ें –  कैसे मैंने अपने चेहरे के दाग धब्बों (पिम्पल्स) को बिना किसी दवाई 5 महीने में नेचुरल तरीके से सही किया!!!

Q.5) Giloy Neem Tulsi Juice & Dabur Giloy Nim Juice Benefits In Hindi

उत्तर – वैसे भारत की किसी भी आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी से आप नीम का ज्यूस ख़रीदकर सेवन कर सकते हैं उसमें कोई परेशानी नही है। जैसे ; पंतजलि, डाबर, बैद्यनाथ। यह सब भारत की स्वदेशी कंपनिया है  जो शत प्रतिशत शुद्ध उत्पाद आपको मुहैया करवाती है। बस ध्यान रखने वाली बात यह है की नीम-तुलसी का ज्यूस हमेशा कांच की बोतल वाला ही खरीदे क्योकी ये ज्यादा दिन तक खराब नही होंगा।

Q.6) Neem Ghan Vati Benefits In Hindi (himalaya and patanjali neem tablets benefits in hindi)

नीम घनवटी एक आयुर्वेदिक टेबलेट मेडिसिन है। लेकिन मैं इसको लेने के लिए मना इसलिए कर रहा हूँ। क्योकी कोई भी प्राकृतिक चीज को आप गोलियों के रूप में उसे खाते हैं तो उतना लाभ नही मिलता जितना नीम के पत्तो को खाने पर मिलता है। इसलिए नीम टेबलेट लेने से बचे।

Q.7) Neem Giloy Ke Fayde In Hindi

नीम और गिलोय दोनो ही औषधीय पौधे है। ये आपके पेट के अंदर मौजूद किसी भी प्रकार के संक्रमण को खत्म करने में मददगार साबित होता है। साथ ही पेट के कीड़ों का नाश भी करता है।

Q.8) Neem Turmeric Antiseptic Cream Meaning 

उत्तर -हल्दी और नीम के पत्तो के पेस्ट से बनी रोगाणुरोधक क्रीम।

Q. 9) Neem Ka Pani Peene Ke Fayde Bataye

उत्तर – यदि आपको किसी भी प्रकार की संक्रमण या पेट से संबंधित रोग है तो नीम का पानी पीने से आपको तुरंत लाभ मिलेगा। इसके अलावा नीम का पानी टोने-टोटके के भी उपयोग किया जाता है।

Q. 10) Bhui Neem क्या है?

उत्तर – भुई नीम एक छोटी साइज का पौधा होता है जिसे नीम के समान ही माना जाता है. स्वाद में यह नीम की तरह ही खारा होता है। भुई नीम का दूसरा नाम कालमेघ भी है। यह प्रायः पहाड़ो और जंगलों में ही पाया जाता है।

Q.11) राजस्थान में नीम के पेड़ को क्या बोलते हैं?

Answer – निम्बड़ी (Neembadi)

Q.12) Neem Full Form

आपको जानकारी के लिए बता दूं नीम का कोई भी फुल फार्म नही है नीम एक हिंदी शब्द ही है। जिसको अंग्रेजी भाषा में भी नीम ही बोला जाता है।

Q.13)Neem Soap Sabun Aur Multani Mitti Ko Mix Karke Nahane Ke Labh

उत्तर – सुबह नहाने के बाद अच्छी फिलिंग आयेगी। साथ कील, मुहांसे और चेहरे की समस्याओं से निजात मिलेगी।

Q.14) क्या नीम के तेल का उपयोग गर्भनिरोधक के रूप में भी किया जाता है?

उत्तर – हाँ ! अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित पोस्ट को पढ़े।

पढ़े –    नीम के तेल से करे बिना कंडोम और गोलियों के आसीमित सेक्स सम्पूर्ण रिसर्च के साथ!

Q.15) Where is neem tree found in india?

Answer – Rajasthan, Madhya Pradesh, Uttar Pradesh & All Rest India.


आज की इस पोस्ट में अपने नीम पेड़ का इतिहास, नीम के तेल, पत्ते, रस, पानी के फायदे के बारे मे अमूल्य जानकारी प्राप्त की। मैं चाहता हूँ, की आप इस पोस्ट को भारत के हर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक साझा करें क्योकी भारत के हर गांव में सैकड़ों की संख्या में नीम के पेड़ लगे हुए हैं लेकिन उनका उपयोग नही होता। यदि इस पोस्ट से गाँव वालो को नीम के पेड़ के फायदों के बारे में मालूम पड़ेगा तो उनका जीवन धन्य हो जायेगा। अपने सवाल /सुझाव / विचार नीचे ब्लॉग कॉमेंट बॉक्स में लिखे।


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