Conspiracy theories in Hindi – भारत में चल रहे सभी साज़िश व षड्यंत्रों का खुलासा

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Conspiracy theories in Hindi – भारत में चल रहे सभी साज़िश व षड्यंत्रों का खुलासा

कॉन्सपिरेसी थ्योरी का नाम आपने कही न कही जरूर सुना होंगा। और अगर आप इस शब्द के बारे में पहली बार सुन रहे हैं या फिर मेरे ब्लॉग ‘इंटरनेट ज्ञानकोष’ के लॉयल रीडर है तो आपके होश उड़ने वाले हैं। यह पोस्ट पूरे इंटरनेट के माध्यम से हिंदी भाषी पाठको में एक क्रांति लायेगी। कॉन्सपिरेसी टॉपिक पर एक भी आर्टिकल हिंदी भाषा में प्रकाशित नही है इसका मुख्य कारण यही है की उनको काले अंग्रेजों या बुरी शक्तियों का डर रहता है। लेकिन मैं विनोद, उन कायरो में से नही हूँ, मैं अपने भारत में चल रहे हैं सभी षडयंत्रो व साजिशो को इस पोस्ट के माध्यम से उजागर करने वाला हूँ। इस पोस्ट के शब्द अमूल्य है इसलिए एक भी पैराग्राफ शुरू से अंत तक बिना पढ़े ना जाये।

साज़िश व षड्यंत्र क्या होता हैं? [What is Intrigue and Conspiracy in Hindi]

ये दोनों शब्द अलग अलग है। इसलिए अर्थ तथा परिभाषा भी भिन्न ही होंगी। साजिश उसे कहते हैं जो किसी एक व्यक्ति के खिलाफ उसको बदनाम करने के लिए, उसको मारने के लिए, उसको किसी भी प्रकार से नुकसान करने के लिए की जाती है। वही षड्यंत्र (conspiracy) के अंतर्गत षड्यंत्रकारी लोग किसी एक व्यक्ति/समूह को नुकसान न पहुँचाकर पूरे देश या पूरी दुनिया को बर्बाद करने की योजना बनाता है। जिसमें इस पृथ्वी पर मौजूद सभी प्रकार के लोगो को इसका नुकसान होता है। और इसमें भी दुःख की बात यह होती है। की इस षड्यंत्र में हर देश की सारी पक्ष-विपक्ष दोनो पार्टिया शामिल होती है।


ताजमहल का असली सच [Kya Tajamahal Ek Hindu Mandir thaa?]

भारत देश के अंदर मौजूद आगरा शहर में स्थित विश्व का 7 वा अजूबा कहे जाने वाले ताजमहल जिसको मुगल आक्रमणकारी शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में बनाया था। लेकिन इसकी असलियत जानकार आप चौक जायेगे। की यहाँ पर पहले एक आलीशान राजपूत महल था। और इसका निर्माण एक राजपूत (हिन्दू) शाषक ने करवाया था। सबूत के लिए नीचे की इमेज देखे। 

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Image Credit – Capt. Ajit Vadakayil

अघोरियों की सच्चाई

भारत के अंदर जितने भी आपको आदमखोर अघोरी बाबा दिखते हैं। जो शैतानी गतिविधियां करते हैं जैसे – मानव कंकाल की माला बनाकर पहनना, इंसान का कच्चा मांस खाना, खून पीना। ये सब अंग्रेजो द्वारा रचा हुआ एक षड्यंत्र था। अंग्रेज चाहते थे की भारत के हिन्दुओ को धर्म परिवर्तन करवाने के लिए सबसे पहले इनकी आबादी में इनके धर्म में कुछ गलत गतिविधियां करनी पड़ेंगी। ताकी ये लोग अपने सत्य सनातन धर्म से नफरत करने लगे। और अंग्रेज इसमें सफल भी हुये। आज कोई भी पढ़ा-लिखा या अनपढ़ नवयुवक-नवयुवती ऐसे अघोरीयो को संत होते हुए देखती है तो ये युवा अपने आप को अपमानित महसूस करते है। जबकी वेदों में इन अघोरियों के बारे में कोई वर्णन नही है।

चिकनगुनिया महामारी षडयंत्र

स्वदेशी के प्रणेता व अमर बलिदानी राजीव दीक्षित जी  कहते हैं। फार्मा कंपनियों ने अपनी वेक्सीन (टिका) बेचने के लिए पेड मीडिया के माध्यम से एक अफवाह फैलाई की चिकनगुनिया एक बहुत बड़ी महामारी आ गई है। जो चिकन यानी की मुर्गी-मुर्गे का मांस खाने से आती है। राजीव दीक्षित जी अपने सुविचारों में कहते हैं  की इन मुर्गे-मुर्गीयों का प्रकृति का संतुलन बनाने में बहुत बड़ा योगदान होता है। इसके अलावा ये मुर्गे-मुर्गीयां धरती पर मौजूद उन सूक्ष्म जीव-जंतुओं को चुन-चुन कर खाती है जो मनुष्य के लिए हानिकारक है। तो अगर आप एक पशु-पक्षी प्रेमी [एनिमल लवर] हैं  तो आज ही उन 10 लोगो को ये पोस्ट शेयर करें जो चिकन खाते हैं। अब बात करते हैं चिकनगुनिया पेंडेमिक की, तो चिकनगुनिया महामारी की आड़ में मूर्ख हरामखोर भारत के राजनेताओं ने हजारों मुर्गीयो को मरवा दिया।

स्वाइन फ्लू षडयंत्र

क्या आपको याद है सन्न 2010 में एक स्वाइन फ्लू नाम की महामारी आई थी? जिसमें फार्मा कंपनियों ने बिकाऊ मीडिया के द्वारा रात-दिन एक करके 24 घण्टे यह प्रसारित करवाया जा रहा था की ये बहुत खतरनाक बीमारी है। अब मजे की बात यह है की ये फैलती थी सुअर के मांस खाने से। और भारत जेसे देश में 95% जनसख्या मुख्य दो धर्म की निवास करती है हिन्दू और मुसलमान। और इन दोनों धर्म में सूअर का मांस खाना मलतब जीते जी नर्क में जाने के बराबर है। ऐसे में ये महामारी भारत में कैसे आ सकती है? ये तो मैंने एक उदाहरण दिया। जबकी वास्तविकता मैं यह बीमारी थी ही नहीं!! जब एक बड़ी हैल्थ संस्था ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को इसकी जानकारी दी की ये फर्जी महामारी है। तो WHO ने रातोरात ये महामारी टीवी से गायब हो गई। जबतक टीवी देखते रहोंगे तबतक आपकी जिंदगी जंड होती जायेगी

 

पोलियो – एक बूँद जहर की [ Polio Vaccine in india Hindi Me ]

आपने महानायक अमिताभ बच्चन को टीवी में जोर-जोर से चिलाते हुए देखा होंगा, एक बूँद जिंदगी की पोलियो का विज्ञापन करते। अपने बच्चे को विकलांग होने से बचाने के लिए पोलियो वेक्सीन या पोलियो का टीका जरूर लगाएं। जबकी फैक्ट यह कहता है की हर साल भारत में एक लाख बच्चे पोलियो का टीका लेने के बाद पंगु होते हैं। पंगु उसे कहते है जो बच्चा चलने-“फिरने की शक्ति को खो देता है। स्वर्गीय राजीव दीक्षित जी कहते हैं मैं आपको भारत में हजारों बच्चो का केस बता सकता हूँ जिनको विकलांगता नही थी पर पोलियो ड्रॉप पिलाने के बाद उनको विकलांगता आ गई। इसके अलावा पोलियो टीके की सबसे भयानक बात यह है की ये पूरी दुनिया के सभी देशों में प्रतिबंधित है सिर्फ भारत में ही पोलियो ओरल ड्राप ( यानी मुंह में दवा ) डाली जाती है। इसका मतलब क्या? इसके पीछे बहुत बड़ा खेल है। इसका मुख्य साजिशकर्ता ‘बिल गेट्स’ हैं।

 

अंग्रेजी दवाई का षड्यंत्र Allopathy Conspiracy in Hindi

आज आपके घर में कोई भी व्यक्ति बीमार होता है तो क्या आप आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, नेचुरोपैथी सेंटर, होम्योपैथी डॉक्टर के पास जाते हैं? इसका जवाब है सिर्फ 10% या 1% जनसंख्या ही ऊपर की बताई जीवन देने वाली चिकित्सा को अपनाते हैं। बाकी बचे 90 प्रतिशत जनसंख्या अपना इलाज अंग्रेजी दवाइयों व अंग्रेजी डॉक्टरों (Allopathy doctor & allopathic medicine) के द्वारा ही करवाते है। इसका मुख्य कारण है फार्मा कंपनियों का षड्यंत्र! आप फ़िल्म में, क्या देखते है? जब भी कोई हीरो-हिरोइन घायल होते हैं या बीमार पड़ते हैं तब एम्बुलेंस को फोन करते हैं या डॉक्टर को बुलाते है। और वह हीरो ठीक हो जाता है? हम सब उन्ही फिल्मों से प्रभावित होकर ये निर्णय ले लेते हैं। जबकी वास्तविकता में अंग्रेजी हॉस्पिटल में जाने के बाद आपकी जिंदगी आधी हो जाती है, आपके शरीर के साथ बहुत अन्याय होता है और दुख की बात ये सब अनजाने में होता है क्योंकी डॉक्टरों को उनकी मेडीकल की पढ़ाई में सिर्फ इसके फायदे ही फायदे बताये जाते है जबकी होता उसका उल्टा है। अधिक जानकारी के लिए नीचे की पोस्ट बाद में पढ़ सकते है।

यह भी पढ़े –  देखिए कैसे अंग्रेजी दवाई [एलोपैथी मेडिसिन] लोगो को मौत के घाट उतारती है।

आप दूध पीते हैं या सफेद जहर? [ Milk Conspiracy in Hindi ]

आज चाहे अमूल हो या सभी डेयरी उद्योग की डेयरी कंपनिया सभी के अंदर A1 मिल्क होता है। जो विदेशी गायो व भेंस से प्राप्त होता है। दूसरी बात हर मादा दुधारू जानवर अपने बच्चों के लिए दूध शरीर में बनाती है ना की इंसानो के लिए। किसी भी जीव का दूध पीना प्रकृति की जैविक नियम के खिलाफ है।

यह भी पढ़े – आपके लिए अच्छी खबर – भारतीय देशी गाय (गौमाता) का दूध पी सकते है।

 Gm Food क्या है? [Genetically Modified Food in Hindi]

यह षड्यंत्र आपकी भोजन की थाली से जुड़ा है। जीएम फ़ूड यानी जेनेटिकली मोडिफाइड फ़ूड। इस नवीनतम तकनीक व विज्ञान के माध्यम से अन्य जानवरों का ‘जींस’ (डीएनए) मिलाकर इसे जीएम फ़ूड के रूप में विकसित किया जाता है। जिससे पैदावार ज्यादा होती है। और ये जीएम फ़ूड भारत में अपने पैर पसार रहा है। विश्व के कई देशों ने इस जानलेवा तकनीक पर प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन भारत के बिकाऊ नेता व मीडिया कभी भी इसका विरोध नही करेंगे। क्योकी ये सब पैसो के भूखे है। इनको जनता की परवाह नहीं। जेनेटिकली मोडिफाइड फ़ूड़ खाने से शूगर, बीपी,कैंसर, एलर्जी व त्वचा रोग होते है। इससे बचने का एक ही उपाय है अपने घर की छत के ऊपर या खेत में सब्जीयां व फल उगाये।

कीटनाशक दवाओं के नुकसान (Prestiside Ke Nuksaan)

फसलों ( अनाज, फल व सब्जियों ) में कीड़े-मकोडे ना लगे इसके लिए प्रेस्टिसाइड व युरिया नामक जहर का प्रयोग किया जाता है। जिसे आप रासायनिक खाद या यूरिया खाद भी बोल सकते है। एक सर्वे के मुताबिक भारत में हर साल 10,000 से अधिक किसान इन कीटनाशक दवाओं का फसलो पर छिड़काव करते समय उससे होने वाले दुष्प्रभाव से मरते है। ये प्रेस्टिसाइड कितना खतरनाक होता है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं। इसका स्वदेशी व सस्ता विकल्प है गोमूत्र व गाय का गोबर। जिसे गोबर खाद भी बोलते है।

कॉन्वेंट स्कूल व सरकारी स्कूलों के बारे में जानकारी (Lord Meccaley british destroy Indian education & Start Convent School)

लॉर्ड मैकाले नाम के अंग्रेज अधिकारी ने भारत की पूरी वैदिक शिक्षा प्रणाली को खत्म कर दिया। सब गुरुकुलों को नष्ट कर दिया गया। अभी आपके बच्चे जिस भी स्कूल में जा रहे हैं वो या तो Convent School होंगी (इंग्लीश मीडियम) या फिर सरकारी स्कूल। इन सब में चलने वाली शिक्षा पद्ति दुष्ट अंग्रेजो ने बनाई थी और आज भी यही चल रही है। भारत की बेरोजगारी का कारण यही है। मैकाले की शिक्षा में बच्चे को रट्टू तोता बनाया जाता है वही हमारे वैदिक शिक्षा जिसको ज्ञान कहते हैं उसमें विद्यार्थी पढ़ते-पढ़ते ही परिवार का भरण-पोषण कर देते थे। गुरुकुल में पढ़ाई करने वाले लोग विद्धान, वैज्ञानिक, शूरवीर बनते थे। वही आज के बच्चे बड़ी-बड़ी कंपनियों के गुलाम बनते हैं। आज के स्टूडेंट्स सिर्फ डिग्री के लिए पढ़ते हैं। जिसकी असल दुनिया में एक बड़ा व्यापारी, करोड़पति बनने के लिए कोई जरूरत नही। इसके अलावा कॉन्वेंट स्कूल में हिंदू धर्म के बच्चो को पूरी पाश्चात्य संस्कृति (Western Culture) को सिखाया जाता है। जिसका अर्थ है भोग और मजे करो। इसके अलावा कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाने वाले सारे टीचर ईसाई होते हैं। ये लोग भारतीय बच्चो को अपने धर्म से जुड़ने के लिए उकसाते है। और बच्चो में कम उम्र में ही खुद के धर्म के प्रति विश्वास कम होंने लगता है।

विदेशी कंपनियों की लूट ( multi national companiyo ka bharat me shadyantra)

पहले अंग्रेजो ने सिर्फ एक ईस्ट इंडिया कंपनी के दम पर भारत को गुलाम बनाया। आज वर्तमान भारत में ऐसी 1000 से अधिक ईस्ट इंडिया कंपनी आ चुकी है। जो भारत से धन लूटकर बाहर विदेशो में लेकर जाती है। आपको बता दे भारत की सरकार (XYZ) सभी विदेशी कंपनियों को भारत में व्यापार करने के लिए टेक्स में छूट देती है उनके लिए सभी प्रकार की व्यवस्था करती है। और ये कंपनियां भारत से बड़ा मुनाफा कमाकर अपने देश ले जाती है। इस बात का ध्यान रखें।



कोई भी देश तभी आर्थिक रूप से मजबूत हो सकता है, जिस देश के लोग ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी वस्तुओ का उत्पादन व उपयोग करते हो 

 

जिस देश का जितना आयात कम होता है और जितना निर्यात अधिक होता है वह देश जल्दी ही समृद्ध व धनी देश बन जाता है।

Special economic Zone in Hindi ( sez kya hai?)

इसको शार्ट फॉर्म में सेज SEZ बोलते हैं। जिसको हिंदी में “विशेष आर्थिक क्षेत्र” कहते है। अंग्रेजों ने एक कानून बनाया था, भूमि अधिग्रहण। मतलब किसानों की जमीन छीनकर विदेशी कंपनियों को देना। और वही परम्परा आज भी वर्तमान सरकार से लेकर हर पार्टी की सरकार उसका पालन कर रही है। अगर हमने इस कानून को खत्म नही किया तो फिर से हमें स्वतंत्रता की लड़ाई लड़नी पड़ेंगी।
Sez Rules in Hindi ( जानिए क्या होता है भारत में बने हुए ‘स्पेशल इकोनॉमिक जॉन’ में )

  1. सेज क्षेत्र के अंदर कोई भी मर्डर होता है या गंदे काम होते हैं तो उसकी जांच, उस विदेशी कंपनी की पुलिस करेंगी। उदाहरण के लिए किसी भारतीय महिला के साथ सेज वाले बलात्कार कर दें तो भारतीय पुलिस उस अपराधी को सजा भी नही दे सकती। देखा special economic zone योजना/कानून कितना गंदा है।
  2. भारत में 500 से ज्यादा सेज तो 2010 तक बन चुके थे। अभी वर्तमान में (2022) तक तो इसकी संख्या बढ़कर 700 हो चुकी होंगी जो एक बहुत चिंता का विषय है।
  3. SEZ (सेज) अपने भारतीय किसानों से जमीन सस्ते भाव में खरीदकर विदेशी कंपनियों को बेचता है फिर वही विदेशी कंपनियां उसी धूल के भाव की जमीन को लाखों/करोड़ो में अपने ही देश के नागरिकों को प्लॉट काट कर बेचती है।

भारत के प्रसिद्ध संतो पर अत्याचार व षड्यंत्र

भारत में अबतक जितने भी “हिन्दू संतो” को गिरफ्तार किया गया है, जिनको जेल में डालकर उन पर अत्याचार किया गया, यौन शोषण के आरोपों में पकड़ा गया, ये सब एक गहरे षड्यंत्र के तहत किया गया। अगर असली सनातन धर्म (हिन्दू) होंगा। तो इस पर जरूर चिंतन करेंगा। अब आपके मन में यह सवाल चल रहा होंगा की ये सब कौन करता है? इसका जवाब है ईसाई मशीनरी संस्था। जिसे अंग्रेजी में क्रिचिश्यन कहते है। ये पादरी/ईसाई जगत के लोग इन संतो को बदनाम करके भारत के हिन्दुओं को यह अहसास दिलाना चाहते है की इनका धर्म तो ऐसा ही है। और फिर ये अपने ऐसे लोगो को ईसाई बना देते है। अधिक जानकारी के लिए पीडीएफ पुस्तक डाऊनलोड करें।

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भारत का बिकाऊ मीडिया [ Paid Media in Hindi ]

इस विषय पर ‘संस्कृति रक्षक संघ’ ने बहुत अच्छी ईबुक पुस्तक प्रकशित की थी। जिसका नाम है ” टीवी न्यूज चैनल मीडिया की काली करतूते व राष्ट्रदोह “इसके अलावा मैं जो कुछ भी लिख रहा हूँ उसकी सत्यता जाँचने के लिए आप खुद एकबार ये तरीका अपनाये। जैसे- जब भी कोई देशहित में आंदोलन होता है तो आप देखना मीडिया सरकार के खिलाफ कभी नहीं बोलेंगी व तो आंदोलनकारियो को आतंकवादी घोषित कर देंगी। इसके अंदर कोई एक नही अपितु भारत के सभी “Top News Channel & Newspaper” बिके हुए हैं। इनमें आने वाली 99% खबरे प्रायोजित होती है। ये मीडिया आपको वही दिखायेंगे जिससे इनको ज्यादा पैसा मिलता है। भले उस खबर से देश का नुकसान होता हो।

ज्ञानवापी मस्जिद व बाबरी मस्जिद का सच

ज्ञानवापी मस्जिद की पूरी आकृति व कलाकृति वास्तविक काशी विश्वनाथ मंदिर जैसी है। नीचे चित्र को देखे।

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ज्ञानवापी मस्जिद – वास्तविक काशी विश्वनाथ मंदिर

अब बात करते हैं बाबरी मस्जिद की तो ,यहाँ पर पहले राम मंदिर ही था। जिसको ध्वस्त करके मुगलो ने मस्जिद का निर्माण करवा दिया गया। आपको ये जानकारी नही होंगी, जब से राम मंदिर में डूकर( सूअर) का चित्र दिखा तब से कोई भी मुसलमान बाबरी मस्जिद में नमाज अदा नही करता था। आपको बता दे सूअर का फ़ोटो भगवान विष्णु के वराह अवतार को दर्शाता है। इसका एक दृश्य आप नींचे देख सकते हैं

नीचे तस्वीर : सबसे पहली चीज़.बाबरी मस्जिद की नींव के नीचे अयोध्या के प्राचीन राम मंदिर के विशाल स्तंभों को देखें. तुलना में एक आदमी का आकार देखें. क्या वे अब भी यही कहते हैं कि बाबरी मस्जिद एक मंदिर के ऊपर नहीं बनाया गया था?

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Image Credit – बाबरी मस्जिद का विनाश, मुगल सम्राट बाबर-कॅप्टन अजीत वाडकायिल

मरौना वायरस महाषडयंत्र

अब करते हैं एक और फर्जी महामारी के षड्यंत्र के बारे में। जिसको 2025 तक चलाने की योजना है। इसके बारे में सारी बातें यहाँ नही लिख सकता लेकिन आपको इतना जरूर बता सकता हूँ, की मरौना का इलाज ही मौत है। मरौना के इलाज में (वेंटिलेटर, मास्क, दूरी, भेक्सिन, सेनिटाइजर)आदि का प्रयोग किया जाता है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप निम्नलिखित लोगो को पढ़े आपको सबकुछ समझ में आ जायेगा। नींचे दी गई दोनो पोस्ट को बाद में पढ़ लेना या इसको New Tab में ओपन कर दो जिससे ये पोस्ट पढ़ने के बाद इन दोनों को पढ़ लेना।

यह भी पढ़े –   क्रांतिकारी होम्योपैथी डॉक्टर लिओ रेबेलो का जीवन परिचय

रजनीश ओशो व इस्कॉन के शीलप्रभुपाद जी को किसने मारा? [ Osho & Prabhupad death history in Hindi ]

ओशो आश्रम के संस्थापक रजनीश ओशो व इस्कॉन के संस्थापक शीलप्रभुपाद जेसे हिन्दू आध्यात्मिक गुरुओ को ईसाइयो ने जहर देकर मार दिया था। क्योंकी ईसाई जगत के ज्यादातर लोग इन दोनों के कारण हिन्दू बन रहे थे। ये दोनो पूरे विश्व में सत्य सनातन (हिन्दू) धर्म का प्रचार कर रहे थे।

भारत के किसान आत्महत्या क्यों करते हैं? [ Why do Indian Farmers Suicide in Hindi ]

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SOURCE –  Capt. Ajit Vadakayil

इसका मुख्य कारण है मोनसेंटो (monsanto) नाम की कंपनी। अगर आप इसको जड़ से उखाड़ कर फेंक सकते हैं तो एक भी किसान आत्महत्या नही करेगा। ये मोनसेंटो भारत के किसानों को ज़हरीली खेती करने के लिए विवश करती है। ये इस ग्रह का सबसे बेकार ब्रांड है। मोनसेंटो ने ही किसानो को कर्ज के झाल में फंसाया है। इसकी कीटनाशक दवाइयां ना सिर्फ खेती को बर्बाद करती है बल्की पर्यावरण तथा मानव जीवन के लिए भी खतरनाक है। मोनसेंटो इंजीनियरिंग बीज ने जंगली खराब घास व अधिक किट-पतंगों को जन्म दिया व भू-जल को प्रदूषित किया।

एजेंडा-21 क्या है? (Agenda 21 in hindi)

भारत व अन्य छोटे-छोटे आर्थिक रूप से कमजोर देशो को पूरी तरह से गुलाम बनाने का एक वैश्विक षड्यंत्र। इसमें 178 देशो की भ्रष्ट सरकारे शामिल है। इसमें बहुत सारे बड़े-बड़े सरकारी व गैर सरकारी संस्थान शामिल है। जिनका नाम बताना संभव नहीं है। लेकिन एक दो के नाम बता देता हूँ जैसे- W.H.O, Gates Foundation, गोलमेज समुदाय, रोथ्स्चाइल्ड आदि।

 

इस आर्टिकल में आपने भारत यानी हिंदुस्तान, इंडिया, आर्यवर्त देश में चलने वाले सभी साजिशो व षड्यंत्रों के बारे में जानकारी प्राप्त की । अगर किसी को इस पोस्ट से बहुत ज्यादा फायदा मिला हो, तो, वे इस पोस्ट को अपने सभी सोशल मीडिया पर शेयर करें ( शेयर बटन नीचे ही दिया गया है) अपने विचार नीचे ब्लॉग कमेंट बॉक्स में बताये।

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