किसी के पास ज्ञान है तो पैसा नहीं है और पैसा है तो ज्ञान नही

किसी के पास ज्ञान है तो पैसा नहीं है और पैसा है तो ज्ञान नही

मुझे यह बात अच्छी तरह से पता है 99% लोगो को ना तो इस पोस्ट का शीषर्क समझ में आ रहा होंगा ना ही इस पोस्ट में लिखी बाते। इससे भी बड़ी बात यह है की इस पोस्ट में लिखी हर एक बात बहुत कीमती है। मैं अभी आपके सामने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कुछ ऐसी बाते साझा करने जा रहा हूँ जिसको समझ लिया तो आपका जीवन बहुत आनन्दमय हो सकता है। आपके पास अगर थोड़ा पैसा होंगा या मूलभूत सुविधाओं की कमी होंगी तब भी आपका जीवन अच्छे से बीतेंगा। मुख्य रुप से यह पोस्ट उन दोनों श्रेणी के लोगो के लिए है। जिनके पास बहुत सारा पैसा है परंतु ज्ञान (Knowledge) नही है। दूसरी कैटेगरी के वे लोग हैं जो अभी अपनी एक रेगुलर इनकम (प्रोफेशन) बनाने के लिए काम कर रहे हैं, इन लोगो के पास सही ज्ञान (Right Knowledge) भी है लेकिन उस नोलेज को अमल में लाने के लिए उनके पास पैसे नहीं है। तो चलिए पहले तो समझते है ज्ञान की परिभाषा क्योकी मुझे पता है आप ज्ञान को स्कूली शिक्षा से जोड़ रहे होंगे।

ज्ञान की परिभाषा ( शिक्षा व ज्ञान में क्या अंतर है? )

जो सूचना (information) आपको जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है, जो शब्द, वाक्य, बातें, सुनते हैं, लिखते है, याद करते है, ये सब अगर जीवन भर काम आते है, आपको खुशियां देते है उसे ज्ञान कहते है। ज्ञान हमें एक सफल, अमीर व महान इंसान बनाता है। ज्ञान हमें पराक्रमी, बुद्विमान, समझदार, तेजस्वी, ओजस्वी, शूरवीर, समाजसेवी, देशभक्त, आस्तिक बनाता है। ज्ञान हमें गुरुकुल से मिलता है, वेद-शास्त्र अध्ययन से मिलता है। मोटिवेशनल स्पीकर व सेल्फ हेल्फ पुस्तकें पढने से मिलता है। सफल लोगो की संगत से मिलता है।

स्कूली शिक्षा हमें क्या सीखाती हैं?
नीचे लिखे वाक्य आपको गलत लग रहे हैं तो क्षमा कीजिए, क्योकी आप भी इसी अंग्रेज लार्ड मैकाले की बनाई गई भारतीय शिक्षा से अध्ययन करके निकले है। हमारी विद्या गुरुकुल की विद्या थी जिसे अंग्रेजों ने नष्ट करके ये कान्वेंट स्कूल, सरकारी स्कूल बना दिये।

  • शिक्षा हमें चोरी करना सिखाती है। हमें जीते जी रटू तोता बनाती है
  • दूसरो का नोकर बनना सीखाती है।
  • देशभक्ति से दूर ले जाकर, सिर्फ अपने बारे में सोचना सीखाती है।
  • हमें बेरोजगार बनाती है। हमें वो सबकुछ सीखने के लिए मजबूर करती है जिनकी हमें जरूरत नही।

ज़हरीली सुई से कितने मरे [ इन लोगो के पास करोड़ो रूपये थे लेकिन एक भी पैसा काम नही आया ]

ये पूरा पैराग्राफ स्वास्थ्य को लेकर है साथ ही मैं एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दे पर बात करने जा रहा हूँ अगर आपमें सच सुनने की क्षमता नही है तो कृपया इस पोस्ट से बाहर निकलर कोई दूसरी पोस्ट पढ़े। क्योकी यह जानकारी आपके रोंगटे खड़े कर सकती है। आप सभी को यह पता ही होंगा की हर पांच साल बाद या दस साल बाद एक महामारी आती है जिसके रोकथाम के लिए एक टिका लगाया जाता है। क्या आपने कभी अपने आप से यह सवाल पूछा की इस टिके में क्या सामग्री (ingredients) मिलाये हुए हैं? इसमें आपकी कोई गलती नहीं है एक समय मैं भी आपकी तरह ही भोला-भाला सामान्य व्यक्ति था, जो राजनेता, डॉक्टर, फार्मा कंपनियां कहती थी, वो चुपचाप अपना फायदा समझकर स्वीकार कर लेता था। लेकिन जब इन सब की असलियत पता चली तो मैं इन सभी उपरोक्त बताये गए लोगो की एक बात भी नही मानता। इस एक स्वास्थ्य ज्ञान के नही होने की वजह से करोड़ो गरीब तो हर महामारी में मरते ही है लेकिन अफ़सोस और दुख तब होता है जब देश के जाने माने महत्वपूर्ण सिंगर, कलाकार, व्यापारी, डांसर, की मौत हो जाती है। क्या इन सेलेब्रिटीज़ के पास पैसो की कमी है? क्या इनके पास अच्छा भोजन नही है? सबकुछ है आप जितने लोग इस पोस्ट को पढ़ रहे हो जितनी आपकी महीने की कमाई है उतना कोई भी भारतीय सेलेब्रिटीज़ एक घण्टे में कमा लेता है। अभी करते हैं उन महान हस्तियों की बात जिनको इन जहरीली सुई ने मारा उनके नाम क्रमश है।

  1. मशहूर गायिका लता मंगेशकर
  2. टाइम्स ऑफ इंडिया के चीफ एडिटर
  3. सिंगर सोनू निगम के बड़े भाई
  4. तमिल अभिनेता विवेक
  5. बॉलीवुड एक्टर गोविंदा

ऐसे सेकड़ो नाम है जो इस अहिंसक चिकित्सा से मरे। महान समाजसेवी राजीव दीक्षित जी  की यह बात हमे याद रहनी चाहिए। इस दुनिया में जितने लोग किसी बीमारी या महामारी से नही मरे उससे ज्यादा लोग उसके रोकथाम के लिए बनाए गए टिके से मरे है। पशु-पक्षियों से प्यार करने वाले लोग  इस सुई, इंजेक्शन से दूर ही रहे। क्योकी इस सुई को बनाने के लिए करोड़ो बेजुबान जानवरों को मारा जाता है। यहाँ पर सिर्फ बात एक विषय की नही है हर तरफ आज कोई भी दुखी हैं तो उसका कारण यही है व ज्ञान की कमी के कारण अपने जीवन को बहुत जल्दी समाप्त कर देते है। उनको बस करना यही था की टाइमपास करने की जगह कुछ उपयोगी कीवर्ड्स गूगल पर या यूटुब पर सर्च करने थे। जिनकी सूची मैने नीचे बताई है।

अगर आप सभी तरह के षड्यंत्र और साजिशों के बारे में समझना और जानना चाहते हैं तो नीचे लिखे लोगो को गूगल या यूटुब पर सर्च करे।

ध्यान दे, जिन शब्दों का रंग लाल है उनके बारे मे इसी वेबसाइट पर इस टेक्स्ट पर क्लिक करके पढ़ सकते है। आप इन लोगो को आधुनिक क्रांतिकारी या स्वतंत्रता सेनानी भी कह सकते है। जो 21 वी शताब्दी के गुलाम भारत को आजाद करवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लोगो को जागरूक कर रहे हैं।

1. Rajiv Dixit ji
3. Dr. Biswaroop Roy Choudhary
4. Dr. Leo Rebelo
5. Acharya Manish ji
6. Dr. Vilas Jagdale (विलास जगदाले)
7. Dr. Avdhesh Pandey (अवधेश पांडे)
8. Dr. Khadar Vali ( खादर वली)
9. x Journalist Kapil Bajaj
10. x Journalist Ashutosh Pathak (QVIVE youtube channel)
11. भारतीय परिवार (Shivank Yadav)
12. Sumit Ajad ( Globy News )
13. Shaka ( शका )
14. Hitesh Sakhya
15. Dr. Tarun Kothari
16. Yohan Tongara
17. Advocate Nilesh Ojha
18. Dr. B.M Hegde
19. Naturopathy Dr. Manas Samarth
20.  internet GyanKosh
21. वीरेंद्र सिंह गोधूलि परिवार
22. Captain Ajit Vadakayil

वो किताबे जो आपको किसी भी फ्लू/ वायरस के डर से आजाद करवायेगी

इस पैराग्राफ के नीचे जो लाल रंग की लिंक दिख रही है उस पर क्लिक करे। इसमें मैंने जो कुछ अभी ऊपर बोला उसके सारे प्रमाण व सबूत दिये गए हैं।

यह पढ़े –  भयमुक्त जिंदगी जीना सीखाने वाली मुफ्त निशुल्क फ्री पीडीएफ किताबे


इस पोस्ट में आपने ज्ञान/पैसा/शिक्षा के अंतर को समझा [ Education/Money/Knowledge ]
अगर आपके पास पैसा व ज्ञान दोनों है और आपने इस पोस्ट को पूरा पढ़ लिया है तो सच में आप बहुत भग्यशाली है। अपने सवाल/सुझाव/विचार नीचे ब्लॉग कॉमेंट सेक्शन में लिखे। इस उपयोगी जानकारी को असली देशभक्त तक पहुँचाये।

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