राजीव दीक्षित जी के अनमोल विचार | Rajiv dixit ke vichar Quotes in Hindi

राजीव दीक्षित जी के अनमोल विचार | Rajiv dixit ke vichar Quotes in Hindi

सभी राजीव दीक्षित जी के चाहने वालो को मेरा नमस्कार, राजीव भाई जितने साल हमारे साथ रहे, उन्होंने अपने मानव-जीवन का एक सेकेंड भी बर्बाद नही किया। उन्होंने स्वास्थ्य, भारतीय शिक्षा, स्वदेशी की ताकत, राजनीति, सामाजिक बुराइया, कैसे विदेशी कंपनियां भारत को बर्बाद कर रही हैं, ऋषि-मुनि, भारत के त्योहार, भारत के लोकदेवता सभी विषयों पर पूरे गहरे रिसर्च के साथ हिंदुस्तानियों को अमूल्य ज्ञान मुफ्त में बाट के गये। अब आपका कर्तव्य है, की इस ज्ञान को अपने सभी मित्रों, परिवार और रिश्तेदारों के साथ शेयर करके उनके सपनों का भारत का निर्माण करने में अपनी भूमिका निभाये।

rajiv dixit ji ke nuskhe ilaaz, rajiv dixit ji ke vyakhyan,

राजीव दीक्षित जी के स्वास्थ्य कोट्स

● सुबह उठते ही हाथ धोकर मुंह की लार काजल की तरह आँख में लगाये। आजीवन लगाने से आँखों की रोशनी बढ़ती हैं।  भविष्य में किसी भी प्रकार की आँख से संबंधित बीमारी नही आयेंगी।
● टूथपेस्ट जानवरो की हड्डियों के पाउडर से बनता हैं और उसमें हानिकारक केमिकल्स मिलाये जाते हैं।
● टूथब्रश का उपयोग करने से मसूड़े ढीली पड़ जाती हैं, जिससे दाँत जल्दी कमजोर होकर गिर जाते हैं। इसके अलावा टूथब्रश पर पूरे दिन में हजारों प्रकार के बैक्टीरिया और वायरस लग जाते हैं, और आप सुबह उठकर उसी को मुँह में डालते हो।
● नीम का दातुन इस दुनिया का सर्वश्रेष्ठ टूथब्रश हैं। नीम की पाँच- 6 पतली लकड़ी तोड़कर एक पानी गिलास में भरकर उसमें रख दे। सुबह तक वह नीम दातुन कोमल  लकड़ी को आप सात दिन उपयोग कर सकते हो। एक बार दातुन करके उसका आगे का थोड़ा भाग तोड़ कर, वापस पानी की गिलास में डाल दो।
● नीम के दातुन करने में परेशानी हो, तो सबसे बढ़िया हजारो साल पुराना भारतीय मंजन करो, अनामिका उंगली से। मंजन बाजार में 20 रुपये में मिल जाता है, वरना घर पर ही हल्दी में थोड़ा सरसो का तेल डालकर दांतो पर रगड़ें, दाँत एकदम साफ हो जायेगे।
● जो आप बाजार की चायपत्ती और दूध- शक़्कर मिलाकर चाय पीते हैं, वह एक जहर है, इससे 80 प्रकार की बीमरियां होती हैं। इसका विकल्प स्वदेशी हर्बल आयुर्वेदिक चाय हैं।   हर्बल टी आयुर्वेदिक चाय पीने के 10 बड़े फायदे
● दुनिया में ऐसी कोई बीमारी नही, जिसका गोमूत्र से इलाज संभव ना हो मने गाय के मूत्र से हर जटिल से जटिल आसाध्य से असाध्य लाइलाज बीमारी का इलाज भी आप कर सकते हैं। बस आपको  गोमूत्र -चिकित्सा के बारे में ज्ञान होना चाहिए।
● जिस व्यक्ति ने त्रिफला चूर्ण और गोमूत्र को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना दिया। उसको कभी बीमारी आ नही सकती। इन दोनों चीजों को राजीव दीक्षित जी ने अमृत बताया।
● नमक और बाजार में मिलने वाले डबल, ट्रिपल रिफाइंड तेल को छोड़ देने से आप 45 बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं। आज ही घर से बाहर निकाले किसी भी प्रकार का तेल खाये, वह शुद्ध कच्ची घनी (फिजिकली रिफाइण्ड तेल ) खाये। सफेद नमक की जगह सेंधा नमक खाये।
● सुबह का भोजन 10 बजे से पहले किसी भी हालत में खा लीजिये। क्योंकि सुबह 8 से 10 बजे तक पेट की जठराग्नि तीव्र होती हैं, जिससे खाया हुआ सब कुछ पच जाता हैं।
● रात्रि-भोजन सूर्यास्त से 40 मिनट पहले कर ले। सूर्यास्त के बाद अनाज का एक टुकड़ा भी ना खाये। हाँ, भूख लगे तो गाय का दूध पी सकते हो और फल फ्रूट्स खा सकते हो।

 राजीव भाई द्वारा परिभाषित आयुर्वेद कोट्स

1.भोजन चबा-चबा कर खाये। जितने मुँह में दाँत उतनी बार भोजन चबाये। रोटी के टुकड़े का मुंह में पूरा रस बनाये।
2. पानी हमेशा घूंट-घूंट पीये।
3.पानी हमेशा बैठकर पीये।
4. भोजन पालथी मारकर, जमीन पर बैठकर खाये। राजीव दीक्षित जी मजाक में कहते हैं, आजकल बफ़ेलो सिस्टम (खड़े-खड़े भोजन करने का फैशन चल रहा है) ऐसे में आपको शर्म आये, तो चिंता ना करे, आप नीचे बैठकर खाये, बाकी लोग भी आपकी नकल करने लगेंगे और नींचे बैठकर खायेंगे। कुर्सी पर कभी खाना खाने की मजबूरी हो, तो कुर्सी पर ही पालथी मार कर बैठ जाओ।

 

5. पानी हमेशा लोटे में पीये। इसका भी एक वैज्ञानिक कारण हैं।

6. भोजन करने से पहले अपने इष्टदेवता या किसी भी भगवान का नाम लेकर हाथ जोड़कर नाम जरूर ले उसके बाद भोजन करे ऐसा करने से भोजन पोषित हो जाता हैं, उसमे दिव्य गुण आ जाते हैं।
7. भूल से वीर्य वेग न करे,यह ओज हैं लेकिन आप (गृहस्थ) शादी- शुदा हैं, तो आप वीर्य ना रोके। साधू, सन्यासी, तेजस्वी और तपस्वी लोग वीर्य स्खलन ना करें।
8. तांबे के बर्तन का पानी तीन महीने ही पीये। उसके बाद मत पीना वरना ताम्र की बीमारिया आयेंगी।
9. प्रतिदिन गोमूत्र का सेवन करने वाले को कभी कैंसर नही होंगा।
10. रिफाइंड तेल खाना आज ही छोड़ दे। चालीस प्रकार की बीमारिया नही आयेंगी। कैंसर, मुंह पर मस्से हो जाना, दाग धब्बे आना, पिम्पल्स होना, अल्सर, पेट की बीमारियों की कारण बनता है, प्रतिदिन बाजार में मिलने वाला पाम ऑइल, रिफाइंड तेल खाने से।
11. जिस भी व्यक्ति के घर के आंगन में नीम का पेड़ हैं, उसके घर में कभी 200-250 प्रकार के बैक्टीरिया- वायरस नही आयेंगे।

 

12. दूध हमेशा शाम को पीये व देशी भारतीय गौमाता का पीये।

13.छाछ हमेशा दोपहर को पीये।
14. फलो का रस हमेशा सुबह को पीये। आप फलाहार चिकित्सा से भी शरीर की सारी बीमारियों को ठीक कर सकते हैं, इसके लिए आपको राजीव दीक्षित जी के वर्तमान के दूसरे रूप/अवतार आयुर्वेदिक डॉक्टर बिसरूप रॉय चौधरी जी पोस्ट पढ़नी पडेंगी;-
15. मिट्टी के बर्तन ( हांडी ) में दाल, चावल व खिचड़ी पकाये। इससे इन सब की पोषणता बनी रहेंगी। हमारे शरीर को हर दिन 18 सूक्ष्म तत्वों की जरुरत होती है। और यह सब मिट्टी के बर्तन में मौजूद हैं।
16. सभी प्रकार के कान के दर्द, कान में कचरा आना, आवाज आना, इसका इलाज – एक बूंद गौमूत्र सुबह शाम कान में डाले पांच दिन लगातार करे, विश्वास माने पूरा कचरा निकल जायेगा और प्राकृतिक तरीके से कान की सभी समस्याओ का समाधान हो जायेगा।

महर्षि वाग्भट्ट जी के 65 स्वास्थ्य सूत्र कोट्स  और  4 नियम

 

भारत देश पर राजीव दिक्सित जी के विचार

● हमारे देश के सभी त्योहारों के पीछे वैज्ञानिकता हैं। इसलिए जो नियम हैं, उनका बिना किसी विचार किये पालन करो। उदाहरण;- बासोड़ा त्योहार, साल में एक दिन ठंडा भोजन खाओ, हमारे ऋषि-मुनि कहते थे, साल में एक दिन ऐसा होता है, जब हमको किसी भी पोषकतत्व की जरूरत नही पड़ती।
● नाचना और दौड़ना भारतीय लोग न करें। अगर यूरोप के लोग तेज नही नाचेंगे या दौड़ेंगे वो लोग मरेंगे, क्योंकी उनको शरीर में वायु ज्यादा चाहिए।
●भारतीय लोग प्रातःकाल पैदल चले [ मॉर्निंग वॉक ]
● भारत के लोग कंजूस नही हैं। इन पर यूरोपीय देशो का असर आ गया है। जीवनभर पैसा इकठ्ठा करते हैं, और फिर इनकम टैक्स- सेलटैक्स वाले सारा पैसा लेकर चले जाते हैं।
● विदेशी कंपनियों ने भारतीयों की सबसे बड़ी कमजोरी का फायदा उठाकर हर महीने करोड़ो रुपये विदेश लूट कर ले जाती हैं।
कमजोरी ;-  हम भारतीयों को एक ही झूठी बात बार-बार दिखाई जाती हैं, तो हम उसे सच मान लेते हैं।

● अंग्रेजों के आने से पहले शक्कर भारत में कोई नहीं खाता था।

● इस देश में जिस व्यक्ति ने, जितने सुख-सुविधा का त्याग किया वह व्यक्ति भारत के सबसे बड़े पद पर बैठा, और यही भारत की परम्परा हैं।
उदाहरण;- भगवान बुद्ध, भगवान राम ।
● 200 साल पहले भारत के सभी नाई (बाल काटने वाले) सब सर्जन वैद्य थे। अंग्रेजों के बनाये नये कानूनों के द्वारा इनके सारे केंद्रों को ग़ैरकानूनी घोषित कर दिया गया।
● भारत के लोगो की सबसे बड़ी कमजोरी दुश्मन को हराकर, उसे माफ कर देना।
● एक जमाने में भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली और अमीर देश था।

राजीव भाई के अनसुने कोटेशन

1. यूरोप के लोग पिज्जा, ब्रेड ( फास्टफ़ूड ) मजबूरी में खाते क्योंकि उनके पास गेहूँ और अन्य अनाज की पैदावार ही नही हैं।

2.  अंग्रेजी दवाई का सेवन बिल्कुल न करे। यह आपको ठीक नही, और ज्यादा कमजोर करती हैं। मेडिकल पर मिलने वाली दवाओं को ही ‘ अंग्रेजी दवाई’ कहते हैं और इसको इंग्लिश भाषा में ‘एलोपैथी मेडिसिन” बोलते हैं। यह आपके जीवन को नर्क बना देंगी।
3. दूध दुनिया का सबसे अच्छा क्लींजर एजेंट है। ढाढ़ी करने से पहले दूध से मसाज करे, फिर शेविंग करे। एकदम गहरी वह साफ शेविंग होंगी।

 

4. एल्युमिनियम बर्तन व प्रेशर-कुकर में किया जाने वाले भोजन  से 45 प्रकार की बीमारिया होती है। अपने घर से सारे एल्युमिनियम के बर्तन हटा दे। यह अंग्रेजों की देन हैं। एल्युमिनियम इस दुनिया का सबसे खराब रॉ मैटेरियल हैं।

5. एलयूमिनियम फॉयल पेपर का इस्तेमाल बिल्कुल न करे। उसकी जगह आयुर्वेद के अनुसार टिफिन में नीचे सूती कपड़ा रखे, फिर ऊपर रोटी रखे।
6. जापान अमीर इसलिए हैं- क्योंकि वह स्वदेशी पर विश्वास करता हैं। वह सारी चीजे जो उनकी संस्कृति इजाजत नही देती, वह जापानी लोग नही खरीदते हैं।
7. आग, बीमारी, कर्जा और दुश्मन इनको पहली बार में ही खत्म करो, इनको छोड़ दिया, तो यह एक दिन आपको खत्म कर देंगे ।
8. कीटनाशक व जंतुनाशक जो दवाई किसान अपने खेत में छिड़कते हैं। 76 हजार किसान हर साल केवल दवाई छिड़कते समय मर जाते हैं।  यह रासायनिक खाद का जहर बंद करे, और भारतीय गोबर खाद व गोमूत्र का उपयोग करके जैविक कृषि करो।

राजीव दीक्षित जी के घरेलू नुस्खे

1.) सफ़ेद दिखने वाली हर चीज जहर है। जैसे ;- सफेद गुड़, सफेद शक्कर, सफेद नमक।

 

2.) चाय पीना आज ही छोड़ दो। पेट से संबंधित सारी बीमारियों का कारण चाय ही हैं।

3.) खड़े – खड़े भोजन न करे, अगर कई पर कुर्सी पर बैठकर खाना खाने की मजबूरी हैं, तो कुर्सी पर पालथी बैठकर भोजन करें।
4.) जीन्स और टाई कभी मत पहनना। इससे शरीर को बहुत नुकसान होता है। जीन्स पेंट पहनने से शरीर में शुक्राणुओं की संख्या कम होती हैं।
5.) डीजे यंत्र कानफोड़ू हैं। यह आपकी श्रवण शक्ति को कमजोर कर देंगा।
6.) भयंकर बुखार व 30 प्रकार की बीमारियों का इलाज- श्याम तुलसी में हैं।
7.) 50 प्रकार की बीमारियों का इलाज ग्वारपाठा (एलोवेरा)।
8.) अपने ऊपर कम पैसे खर्च करो, लोक कल्याण के कामो में पैसा ज्यादा लगाओ, क्योंकि जितना दान आप करते हो  उससे ज्यादा वापस हमें मिलता हैं।
9.) आजकल महिलाओं में गले का रोग ( थाइरॉइड) ज्यादा हो रहा हैं इसका इलाज है, आप आज ही नमक और रिफाइंड तेल खाना छोड़ दीजिए। और बाजार में मिलने वाले धनिया की चटनी बनाकर खाये या जूस बनाकर पीये।
10.) चालीस साल से अधिक महिलाओं को हर दिन केल्शियम मिलना जरूरी है, और कैल्शियम का सोर्स हैं- केला, चूना, और सभी सब्जियां और फल।

आचार्य बालकृष्ण जी के 30 आयुर्वेदिक नुस्खे

 

इन्हें भी पढ़े ;-

अकेलेपन को कैसे दूर करें?

पैशन का मतलब क्या है? जुनून को फॉलो करने के फायदे

100+ Today Quotes in Hindi 2021 | आज का अनमोल वचन [२०२१]

भारत के 5 लोकप्रिय यूटूबर्स के मोटिवेशनल कोट्स और उनका यूट्यूब चैनल नाम

पुष्कर राज ठाकुर के अमीर और सफल बनाने वाले कोट्स 

पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के अनमोल वचन

डॉ. विवेक बिन्द्रा के 80 अनमोल विचार |

संदीप माहेश्वरी के 35 प्रेरणादायक विचार

 

Tags;- राजीव दीक्षित जी के नुस्खे, राजीव दीक्षित आयुर्वेदिक उपचार, राजीव दीक्षित के 4 नियम,  इलाज राजीव दीक्षित जी,

Leave a Comment