Lawyer Facts in Hindi | Vakil [Advocate] के बारे में अनसुनी जानकारी

Lawyer Facts in Hindi | Vakil [Advocate] के बारे में अनसुनी जानकारी

ये बात हम सबको अच्छी तरह से पता है की सरकारी नौकरी में वकील एक ऐसा पेशा है जिसके अंदर वो खूब सारा पैसा डायरेक्ट एंड इनडायरेक्ट तरीको से कमाता है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की वकील अगर अच्छे हो, ईमानदारी से काम करते हो, तो देश के विकास में उनका बहुत बड़ा योगदान रहता है। आज हम वकील और वकालत के बारे में कुछ ऐसी बातों को जानेंगे। जो इससे पहले आपने कभी नहीं पढ़ी होंगी।

Lawyer (Advocate) के बारे में रौचक तथ्य (Facts & Power of advocate in hindi)

#1. एक सरकारी और प्राइवेट वकील एक साल में पांच से दस लाख रुपये कमाता है। वही बड़े-बड़े उद्योगपतियों के वकील 20 लाख से 50 लाख तक प्रतिमाह कमा लेते हैं।

#2. पुलिस के बाद वकील ही एकमात्र ऐसा पेशा (प्रोफेशन) है जिनसे लोग पंगा नही लेते। इनसे झगड़ा करने से पहले सौ बार सोचते हैं।

#3. एक हमारे साथी जाने माने वकील का कहना है की आप पब्लिक पार्क, गार्डन, सरकारी जमीन ये सब पब्लिक की प्रॉपर्टी है। यहाँ पर आपको कोई भी विरोध या आंदोलन करने से नही रोक सकता।

#4. जो नियम व कानून एक वकील को पता होते हैं अगर वो नियम देश की जनता को मालूम हो जाये तो बहुत सारा पैसा व समय बच सकता है। इसके साथ ही जनता बहुत ताकतवर बन सकती है।

#5. वकील को कानून का पूरा ज्ञान होता है। भारतीय संविधान के सारे अनुच्छेद उनको मुंह पर याद होते हैं। तभी तो हर वकील न्यायालय में जज के सामने केस लड़ते समय बात-बात पर अनुच्छेद की धारा का याद दिलाता है।

#6. अगर देश में एडवोकेट नीलेश ओझा, रूपाली ओझा व एडवोकेट साहिल भाई जेसे क्रान्तिकारी वकील मिल जाये तो पूरे देश की न्याय व्यवस्था सुधर सकती है। रूपाली जी, वकील नीलेश जी की पत्नी है। रूपाली भारत की पहली वकील है जिसने बिल गेट्स पर केस किया था। इसका कारण की आंधप्रदेश की आदिवासी लड़कियों को बिल गेट्स ने इंडियन मेडिकल एशोसिएशन के साथ मिलकर जहरीले टिके(वेक्सीन) लगाई जिसके कारण कई लड़कियों की मौत हो गई। जब वहां के लोकल आदिवासियों ने जबरदस्त हंगामा किया तो IMA व बिल गेट्स की टीम वहाँ से भाग गये। एडवोकेट रूपाली व उनके पति नीलेश ओझा जी indian Bar Association के फाउंडर है। एडवोकेट साहिल गोयल हरियाणा राज्य के युवा वकील है। जो भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों व लोगो के खिलाफ विरोध करते हैं।

#7. जिसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ है। उसको अपनी तरफ से गवाह के तौर पर किसी भी सरकारी या गैर सरकारी वकील को साथ लेकर जाना जरूरी है।

India ka lawyer kitna paisa kamata hai?

एक भारतीय वकील अनुमानित प्रतिमाह 30,000 से 50 हजार कमाता है। जब केस, मर्डर, चोरी, लूटपाट या किसी संपति को फिर से लौटाने का तो चाहे Private lawyer हो या Government lawyer वो उस केस को लड़ने का 1,00000/- से 10 लाख तक चार्ज करता है। उसको आप वकील की फीस भी बोल सकते है। वही income tax & Sale tax के व्यापारीयों के permanent advocate उनसे हर साल का 30,000/- से 50,000/- रूपये तक कमा लेते है। निष्कर्ष के तौर पर जितना ज्यादा ग्राहक, केस व कानूनी लडाई उतना ज्यादा पैसा! ये सिम्पल सा फंडा आपको समझना है।

एडवोकेट व लॉयर में क्या अंतर है?(Difference between Advocate and Lawyer in hindi)

दोनो अंग्रेजी भाषा की स्पेलिंग्स है। लेकिन दोनो का मतलब हिंदी में ‘वकील’ ही होता है। Lawyer शब्द (naun) है। इससे जुड़ा एक और शब्द है जिसका नाम solicitor है इसका मतलब हिंदी में याचक अथवा वकील होता है। एडवोकेट का काम अदालत में अपने ग्राहक का प्रतिनिधित्व करना और उनका समर्थन रखना होता है। वहीं लॉयर का काम होता है कानूनी सलाह देना, किसी मामले में जनहित याचिका दाखिल करना इत्यादी। सबसे बड़ी बात यहां पर यह है कि इनकी भूमिका लॉयर के प्रकार के अनुसार बदल भी सकती है। एडवोकेट लॉयर से थोड़ा उच्चा पद होता है।

आज आपने lawyer, advocate (वकील) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। अपने सवाल/सुझाव/विचार नीचे ब्लॉग कॉमेंट बॉक्स में लिखे। पोस्ट को अपने हर वकीली के शौक रखने वाले लोगो के साथ शेयर करे। सृष्टि के निर्माता भगवान विष्णु आपको बहुत सारी सुख-समृद्धि दे, ये ही मेरी शुभकामना है।

 

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