मेरी पुष्कर यात्रा – My Pushkar Trip experience in Hindi

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मेरी पुष्कर यात्रा – My Pushkar Trip experience in Hindi

राजस्थान या भारत देश में निवास कर रहे हर भारतीय को जीवन में एकबार किसी खास उद्देश्य से पुष्कर शहर जाना अनिवार्य होता है। उसके बारे में ज्यादा कुछ बताने की जरूरत नहीं है क्योकी आप अगर हिन्दू है तो आपको पता ही होंगा की हमारे घर में या रिश्तेदारो में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके मौत के 10 दिन के अंदर-अंदर उनकी अस्थियां लेकर घर के कुछ सदस्य तीर्थराज पुष्कर जाते हैं। इसके अलावा अन्य विदेशी व देशी पर्यटक घूमने के लिए आते है, सिख समुदाय के लोग गुरुद्वारा साहिब देखने के लिए आते है। इसलिए इस पोस्ट को पढ़ते समय आप खुद ये महसूस करें की मेरे साथ आप भी इस आध्यात्मिक शहर घूम रहे हैं। मैंने पुष्कर के पर्यटक स्थलों, महत्वपूर्ण चीजों तथा सम्पूर्ण शहर के आकर्षण केंद्रों को इस पोस्ट में शामिल किया है। अगर आप एक भी पैराग्राफ नही पढ़ते हैं तो जीवन का बहुत अच्छा अनुभव खो देंगे।

पुष्कर का इतिहास Pushkar History in Hindi

पुष्कर एक सिद्ध क्षेत्र है। यह निरंतर चलने वाला तीर्थ है। भारत के पंच सरोवरों में प्रमुख सरोवर है भारत के पंच तीर्थों में प्रमुख तीर्थ है। यह सृष्टि कर्ता ब्रहमा जी व जगत जननी माँ गायत्री का निवास स्थान है। जिनके पूजा दर्शन से सुख सौभाग्य मिलता है। ऋषि-महर्षियों की तपोभूमि जहां बैठकर भगवान व्यास ने वेदों का विभाग व पुराणों की रचना की थी। नाग पर्वत की तलहटी पर नाग तीर्थ (पंचकुण्ड) में स्नान करने से मनुष्य की सांप काटने से मृत्यु नही होती है। यही पर पाण्डवों के वनवास काल का तीर्थ पंचकुण्ड है। पितरों का प्रिय गया-कूप नाम से यहां प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है जहां भगवान राम ने अपने पिता दशरथजी का श्राद्ध किया था।

पुष्कर ऊंट मेला क्यों आयोजित किया जाता है? (Pushkar Camel fair in Hindi)

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वैसे तो ये मेला मुख्य रूप से ऊंटों व अन्य पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए शुरू हुआ था। लेकिन अब यह एक महोत्सव का रूप ले चुका है। यहाँ पर राजस्थानी लोग साफ़ा और पगड़ी बांधकर अपने ऊँटो को दूल्हे-दुल्हन की तरह सजाकर लेकर आते हैं। इसके अलावा करोड़ो की कीमत वाले घोड़े भी यहाँ पर अपना शक्ति प्रर्दशन करते हैं। इस मेले का एक मुख्य आकर्षण घोड़ी नृत्य और ऊंट डांस हैं जब ये दोनों पशु नाचते हैं तो देशी-विदेशी सभी पर्यटक खुशी से झूम उठते हैं। कुल बीस से अधिक अलग-अलग प्रकार की गतिविधियों, उत्सवों, खेलो का आयोजन देशी-विदेशी सैलानियों के लिए किया जाता है। जिसमें पगड़ी बांध प्रतियोगिता, कबड्डी, सांप नृत्य, कालबेलिया संगीत आदि शामिल है। ‘पुष्कर घोड़ा मेला’ कोई अलग से नही मनाया जाता ये भी इसमें ही सम्मिलित है।

पुष्कर झील के बारे में ( Pushkar Lake in Hindi )

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पुष्कर झील बहुत गहरी और बहुत सुंदर है। ये झील पुष्कर घाट के अंदर मौजूद है। मेरे हिसाब से हर तीर्थयात्री व ऐसे ही घूमने-फिरने वाले लोग सामान्यतः 1 से 2 घण्टे का समय व्यतीत करते हैं। वैसे मेरा तो पूरे दिन यहाँ पर बैठने का मन करता है। पूरे दिन झील के अंदर मस्ती से तैर रही सफेद बत्तखों को देखने का मन करता है। यहाँ पर स्नान करके बैठकर आप गर्मियों में ठंडी हवा का लुफ्त ले सकते है। वही बहुत सारे धार्मिक महत्व से अस्थियां विसर्जन करने भी लोग यहाँ पर पूरे परिवार के साथ आते हैं। उन लोगो की वेशभूषा, बोली, रंग-रूप को भी कुछ समय समझ सकते हैं। इस संसार में मौजूद सभी वन्य जीवो की सुरक्षित जगहों में से एक Pushkar city ki Ye Jheel है। जहाँ सभी पशु-पक्षीयो को भरपेट भोजन मिलता है। सभी कबूतर, कुत्ते, गाय, मछली, बत्तख, बुगले तथा अन्य जलीय जीव मस्ती से रहते है।

→ पुष्कर झील देखने का समय – Pushkar Lake Timings in Hindi
सुबह 9 बजे से संध्याकाल 6: बजे तक।

→ पुष्कर झील में प्रवेश शुल्क – Pushkar Lake Entry Fee in Hindi
निशुल्क है।

पुष्कर झील सरोवर का महत्व

कहा जाता है कि मंडोर के राजा नाहरराव पंडिहार ने 13 वीं सदी के जंगली सूअर के रस्सी बांध अपने साथियों से बिछड़कर इस क्षेत्र से प्रविष्ट हो गये। सूअर गायब हो गया, अब राजा को प्यास लगी। कुछ देर भटकने के पश्चात् राजा को एक पानी का गड्डा नजर आया जो की स्वच्छ जल से परिपूर्ण था। राजा ने अपने दोनों हाथों की अंजुली बना कर ज्योंही गड्डे से जल निकाला उन्हें यह देखकर आश्चर्यचकित रह जाना पड़ा की उनके दोनों हाथों से कुष्ठ जैसे भयानक रोग के लक्षण समाप्त हो गये। तत्पष्चात् जल को को उन्होंने अपने सारे शरीर पर डाला जिससे सम्पूर्ण शरीर के कुष्ठ के लक्षण समाप्त हो गये व शरीर कांतिमय तेजोमय हो गया। फलतः प्रभावित होकर उन्होंने उस गड्डे को सरोवर का रूप देने का संकल्प किया और लौट गये। कुछ समय पष्चात् राजा ने अपने संकल्प को पूरा किया। उसी परिणामस्वरूप यह पुष्कराज की झील बनी। जहाँ हर साल करोड़ो लोग स्नान करके जाते हैं।

 रुद्राक्ष की माला खरीदने का स्थान

पुष्कर शहर जाने वाले हर धार्मिक पर्यटक की यह इच्छा होती है या फिर उसके सगे-संबंधियों ने यह बात बोल दी होती है की भई-बहन पुष्कर से रुद्राक्ष की माला लेकर जरूर आना। मेरी मौसी ने एक छोटे से स्टॉल से 100 रुपये में पतली Rudraksha की माला खरीदी थी। वो माला असली थी या नही उसका मुझे नही पता लेकिन आप Youtube & Google पर इसके बारे में पता लगाकर जा सकते हैं। इसके अलावा अन्य बहुत सारी अच्छी-अच्छी धार्मिक महत्व की मालाएं इस जगह से खरीद सकते है।

 ब्लू पॉटरी जेसी हस्तशिल्प वस्तुओं को खरीदने की जगह

पुष्कर में हस्तशिल्प उद्योग बहुत ज्यादा प्रचलित व प्रसिद्ध है। ब्लू पॉटरी के सुंदर मिट्टी के बर्तन, वस्तुए, हमारे देश के स्थानीय कारीगर बनाते हैं और उस पर सुंदर नीले कलर में उसको रंग देते हैं। ये वस्तुएँ बहुत महंगी भी होती है। इनको गरीब आदमी या मध्यम वर्गीय परिवार के लोग खरीदने में इतनी रुचि नहीं लेते हैं। जबकी विदेशी पर्यटकों तथा भारत के अमीर परिवार इनको बहुत ज्यादा खरीदते हैं।

पुष्कर में कुल कितने घाट है?

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पुष्कर सरोवर यानी झील पर कुल 52 घाट है। पुष्कर झील सरोवर के चारों तरफ कुल 52 घाट बने हुए हैं। इनमें से गऊ घाट, जनाना घाट, दशवामैथ घाट, ऋषि घाट, ब्रह्म घाट, वराह घाट, बद्री घाट, सप्तऋषि घाट यह मुख्य है। खास बात यह है की शाही राजस्थान के शाही परिवारों की ओर से भी यहां घाटों का निर्माण करवाया गया है। इनमें भरतपुर घाट, ग्वालियर घाट, जोधपुर घाट, कोटा घाट, जयपुर घाट आदि शामिल हैं।

Pushkar Mela Ground

पुष्कर मेला ग्राउंड में लोकप्रिय पशु मेला लगता है। इस पशु मेले को देखने के लिए लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। इस मेले की विशेषता यह है की यहाँ पर ऊँट विभिन्न प्रकार के करतब दिखाते हैं। इस मशूहर मेले के दिन पुष्कर शहर में अलग ही चहल-पहल होती है। खासकर विदेशी पर्यटकों के लिए यह दिन काफी रोचक व यादगार होता है। इस पुष्कर मेले के मैदान के नजदीक ही आप ऊंट की सवारी (Camel Safari) कर सकते हैं। कैमल सफारी के लिए भी पुष्कर सिटी प्रसिद्ध है। मेले ग्राउंड के नजदीक ही एक कुमावत शाकाहारी भोजन की होटल है। जहाँ पर आपको शुद्ध शाकाहारी भोजन मिल जायेगा। इस ढाबे की मुख्य विशेषता यह हैं की यहाँ पर पीने का मीठा पानी, हाथ, थाली साफ करने के लिए टिशु पेपर व सलाद मुफ्त में मिलता है।

 Pushkar Ghat Aarti Experience, Timings in Hindi Me

जिस प्रकार हरिद्वार में माँ गंगे की भव्य आरती होती है उसके जेसी तो नही लेकिन हर दिन सूर्यास्त के ठीक समय सात बजे (7:00 PM) को सभी पुष्कर के लोग और बाहर से आये श्रद्धालु इस आरती का हिस्सा जरूर बनते हैं। यह अनुभव हमें एक आध्यात्मिक शांति देता है। वही कार्तिक पूर्णिमा के दिन वराह घाट पर महाआरती होती है जिसमें लाखो श्रद्धालु, यात्री हिस्सा लेते हैं। यह एक धार्मिक उत्सव होता है।

पुष्कर एडवेंचर पार्क ( Xcapade Adventure Park Pushkar in Hindi )

यह जानकर आपको बहुत अच्छा लगेंगा की पुष्कर जेसे आध्यात्मिक व धार्मिक महत्व के शहर में भी एक साहसिक गतिविधि और मौज-मस्ती की जगह होंगी। उस Fun & entertainment वाली जगह का नाम है एक्सकेपेड एडवेंचर पार्क !! यहाँ पर आप अपने दोस्तों के साथ Adventure & Sports Activities करने जा सकते हैं। जहाँ पर आपको कई तरह के स्पोर्ट्स के अलग-अलग खेल खेलने को मिलेंगे। ये सात एकड़ क्षेत्रफल में बना पार्क आपको Rock Climbing, Zorbing, Quad Biking, Obstacle Course, Bungee Jump,Paintball, Mountain Climbing जेसी बहुत सी एक्टिविटी करवाता है।

पता (Address) – Aaram Baagh Road, Pushkar, Surajkund, Rajasthan 305005, India.

बूढ़ा पुष्कर कहां है और इसका महत्व क्या है? ( Budha pushkar history in hindi )

बूढ़ा पुष्कर में तीर्थ गुरु पुष्कर राज की पौराणिक महिमा का वर्णन मिलता है। यह बात सत्य है की 90% बाहर से आने वाले यात्री, तीर्थयात्रि व अन्य लोग बूढ़ा पुष्कर का नाम जरूर सुना है व उसकी नेम प्लेट रास्ते में आते हुए जरूर देखी है। लेकिन अंदर कोई भी नही गया। मैं बिल्कुल झूठ नही बोलूंगा। मैं खुद भी नहीं गया। उसका तो एक कारण यह है की मैं परिवार के साथ गया था और परिवार वाले तो आपको पता ही है बिना किसी मकसद से घर से बाहर निकलने की सोचते भी नहीं है। लेकिन मैं जब अकेले Solo Traveling के माध्यम से जाऊंगा तब जरूर पूरा देखूंगा। यह पैराग्राफ में किसी सरकारी वेबसाइट के बूढ़ा पुष्कर के नवीकरण तथा सौंदर्यीकरण का ठेका लेने वाली कंपनी की साइट से रीसर्च करके लिख रहा हूँ। बूढ़ा पुष्कर जयपुर बाईपास पर पुष्कर शहर से लगभग 4 किलोमीटर दूर कानस गांव में स्थित हैं। बूढ़ा पुष्कर को रुद्र पुष्कर भी कहते है। यहाँ पर रेत के टीले के साथ ही पहाड़ी पर्यटन भी भरपूर है। कहते है पिछले सौ वर्ष में यहाँ पर एक भी घर या भवन नही बना है। सिर्फ एक साधु इंद्रदास जी द्वारा निर्मित श्री वेंकेटेश जी का मंदिर है। इसके अलावा दिवान राजमाता द्वारा बनाया रघुनाथ जी का मंदिर, सम्राट पृथ्वीराज चौहान के पिता द्वारा बनाया गया वैद्यनाथ का मन्दिर भी है। यहाँ पर कोई पंडित आपको नही मिलेंगे। यहाँ से थोड़ा दूर 60 घरों का रावतमेरों की बस्ती का बना एक गांव है जिसका नाम कानस गाँव है।

पुष्कर जाने का कुल खर्च कितना होंगा?  pushkar Travel Expenses in Hindi

अगर भोजन की बात करे तो यहाँ पर शुद्ध शाकाहारी 100 रूपये में भरपेट भोजन मिल जाता है एक समय का। होटल की बात करे तो आप ऑनलाइन या ऑफलाइन 300-500 एक कमरे के हिसाब से अच्छा रूम मिल जायेगा। वेसे बहुत सारी रहने की सस्ती होटले व धर्मशाला भी बनी हुई है। ट्रेवल खर्चे की बात करे तो आप ट्रेन के माध्यम से आयेगे तो सस्ता पड़ेंगा। वरना आप खुद की कार लेकर जायेगे तो बहुत खर्चा होंगा।

पुष्कर कहाँ पर हैं? ( How to reach Pushkar by train, by flight complete info in Hindi )

पुष्कर भारत देश के राजस्थान राज्य के अजमेर जिले में अजमेर शहर से आधे घण्टे की दूरी पर स्थित एक शहर है। अगर आप रेल के द्वारा पुष्कर आना चाहते हो तो ध्यान रहे सबसे पहले अजमेर जंक्शन पर उतरे। उसके बाद कार, बस या रिक्शा से अपने गंतव्य तक प्रस्थान करें। ध्यान रहे अजमेर एक महानगर है। वही आप विदेश से यात्रा करके पुष्कर आना चाहते है तो पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर आना पडेंगा। क्योकी यह एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। जयपुर से अजमेर/पुष्कर के लिए आपको बस या कैब सर्विस मिल जायेगी। पुष्कर का नजदीकी एयरपोर्ट किशनगढ़ एयरपोर्ट है। जो अजमेर से 10 मिनट का रास्ता है।

त्रिपुष्कर-तीर्थ क्या है?

प्रथम ज्येष्ठ पुष्कर जिसके देवता साक्षात् ब्रह्माजी, दूसरा मध्यम पुष्कर जिसके देवता श्री विष्णु, तीसरा कनिष्ठ पुष्कर (बूढ़ा पुष्कर) जिसके देवता भगवान रूद्र है। यह त्रिपुष्कर-तीर्थ सब तीर्थों में प्राचीन व श्रेष्ठ माना गया है।

ऊंट की सवारी Camel Safari in Pushkar

पुष्कर अपने रेगिस्तान के जहाज यानी ऊंट के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ पर देश-विदेश से हर साल लाखों सैलानी कैमल सफारी के लिए आते हैं। टूरिस्ट को यहां आकर रेत पर ऊंट की सवारी के साथ खुले मैदान में रेत के टीलों पर कुछ समय रूकने का भी मौका मिलता है। यह अनुभव सबके लिए शानदार होता है।

पुष्कर घाट स्नान का अनुभव

90% लोग तो अस्थियां विसर्जन करने जाते है तब तीर्थराज पुष्कर के घाट पर स्नान करते हैं। इस टॉपिक की पोस्ट आप अंत में रिलेटेड आर्टिकल लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते है। जहाँ पर मैंने अस्थियां विसर्जन करने के बारे में पूरी जानकारी दी है। अब करते नहाने की बात, यहाँ पर एकदम शुद्ध गंगाजल होता है। यहाँ पर भी स्नान करके आपको वही पुण्य, लाभ, फायदा प्राप्त होता है जो हरिद्वार गंगा जी में जाकर मिलता है।

पुष्कर तीर्थ का महत्व (Important religious destination in India)

भगवान श्री राम ने इस तीर्थ में आकर मार्कण्डेय ऋषि के कथनानुसार अपने पिता दशरथजी के लिए पिण्डदान और श्राद्ध किया था। इसी प्रकार जो मनुष्य कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुष्कर सरोवर में स्नान कर ज्येष्ठ पुष्कर में गौ-दान, मध्यम पुष्कर में भूमिदान व कनिष्ठ पुष्कर (बूढ़ा पुष्कर) में स्वर्णदान करता है तथा जो वहां टूटे-फूटे तीर्थों का जीर्णोद्धार करते हैं, वे ब्रह्मलोक में जाकर सुखी व आनन्दित होते है ऐसा पुराण-शास्त्रों में कहा गया है। इसलिए इसको लोग ‘Holy Pushkar’ कहते हैं। इसका मतलब है पवित्र पुष्कर!!

पुष्कर में आश्रम कितने है?

राजस्थान के अजमेर के निकट स्थित पुष्कर सिटी में 20 से अधिक छोटे बड़े आश्रम है जिनमें से कुछ मुख्य प्रसिद्ध आश्रमो का आपको नाम बता रहा हूँ। आप इन्हें गूगल पर खोजकर इनका पता प्राप्त कर सकते है। 

  1. श्री पुष्कर गौतम आश्रम
  2. बालमुकुन्द आश्रम
  3. Bharat Sevasharam Sangha
  4. पारीक संकर्तिक भवन
  5. प्रेम प्रकाश आश्रम ट्रस्ट
  6. यज्ञ पर्वत की तीर पर अगस्त्यमुनि का आश्रम है।
  7. नाग पर्वत पर ही ऋषि यमदग्नि का आश्रम व राजा भर्तृहरी की मनोरम गुफा भी स्थित है।
  8. पाप नाषक प्राची सरस्वती के तीर पर भगवान व्यास, दधीचि, कण्व, च्यवन आदि महर्षियों के आश्रम है।
  9. मंकणक ऋषि का आश्रम
  10. मृकंड ऋषि का आश्रम

पुष्कर डेजर्ट के बारे में ( Pushkar Desert in Hindi )

पुष्कर डेजर्ट का मतलब हिंदी में है रेगिस्तान या रेत का मैदान। यह ठीक उसी तरह है जैसा की जैसलमेर का मरुस्थलीय रेगिस्तान की भूमि। इसी धरती पर ऊंट नाम का पशु जीवित रह सकता है। बाकी यहाँ पर कोई भी जीव-जंतु या पशु-पक्षी जीवित नही रह सकता। इसका मुख्य कारण है पानी की कमी। डेजर्ट में दूर-दूर तक ढूढने पर भी पानी नहीं मिलता। पुष्कर डेजर्ट में आकर आप पशु मेला और केमल सफारी का आनंद ले सकते है।

पुष्कर जाने का रास्ता ( Ajmer to Pushkar Distance guide in Hindi )

अजमेर से पुष्कर जाने के लिए सिर्फ 40 मिनट का समय लगता है।डिस्टेंस 15 किलोमीटर की दूरी है। पहले हम बात करते है उन भारतीयों के लिए जो ये पोस्ट देश के अलग-अलग राज्यो से पढ़ रहे है। आप जिस भी राज्य/शहर/गांव से हो आपको सबसे पहले अजमेर शहर में पहुँचना है। अजमेर शहर के मैन सिटी मार्केट से होकर ही आपको Pushkar City पहुँचना होता है। इससे आपको डबल फायदा मिल जाता है। पुष्कर के साथ अजमेर देखने का भी सौभाग्य प्राप्त होता है।अजमेर पहुँचकर आप गूगल मैप ऑन कर दीजिए यहाँ से आप मैप की गाइड को फ़ॉलो करके आसानी से पहुँच जायेगे। अभी अजमेर में एक बड़ा ब्रिज (फ्लाईओवर) बन रहा है। ये पुलिया पार करते ही आपको दाएँ तरफ (Right Side) मुड़ना है। फिर आपको एक घाटी पार करनी है। इस रास्ते में जाते जाते आपको आनासागर झील दिखेंगी, महाराणा प्रताप का भव्य स्टेच्यू दिखेंगा जहाँ पर कुछ समय वापस आते समय एन्जॉय कर सकते हैं। यही से आनासागर झील का आनंद ले सकते हैं। युवा-युवतियां यहाँ पर सेल्फी लेते हुए दिखेंगे।

Marwar junction Pali to Pushkar City full guide (distance & Roadmap

  • सबसे पहले आपको कामलीघाट हाइवे पर आना होंगा। अगर मारवाड़ के किसी गांव में आप रहते हो तो कालीघाटी से गुजरते हुए आपको Kamlighat Choroha नाम के हाइवे पर आना होंगा। यहाँ से सीधा टॉप 4 लेन हाइवे बना हुआ है जो आपको अजमेर लेकर जायेगा।
  • सबसे पहले ब्यावर आयेगा उसके बाद भीम शहर
  • उसके बाद अजमेर व अंत में तीर्थगुरु पुष्कर!!
  • गूगल मैप की भाषा में समझाऊ तो वही आप ब्‍यावर पिण्डवाड़ा रोड़ और NH58 से होकर जाते हैं तो 3 घंटे 32 मिनट (185.3 कि.मी.) का समय लगेंगा।
  • वही राष्ट्रीय राजमार्ग NH162 से होकर जाते है तो
  • 4 घंटे 10 मिनट (192.9 कि.मी.) का समय लगेंगा।

 Tourist Help, Guide, Warning in Pushkar city 

  • भूल से शराब, नॉनवेज मांसाहारी भोजन पुष्कर शहर में बैठकर ना खाये वरना स्थानीय प्रशासन बाद में मारेंगा पहले स्थानीय लोग ही आपको खत्म कर देंगे। नोनवेज पूरे शहर में बैन है इसके बारे में नीचे के पैराग्राफ में बताया गया है।
  • गलती से भी सार्वजनिक जगहों पर शौच ना करे क्योकी यहाँ पर हर जगह मंदिर ही मंदिर दिखेंगे। इसकी जगह शौचालय का प्रयोग करे।
  • कई भी भिखारी दिखे तो उसको भरपेट भोजन खिला दे। पैसे बिल्कुल ना दे। विकलांग लोगो की सहायता कर सकते है। जो शाररिक रूप से चल-फिर नही सकते।
  • किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों यहाँ पर नही होती है इसलिए आप निश्चित होकर जाये।
  • अगर आप एक विदेशी पर्यटक है तो ऑनलाइन Travel Company के साथ अपना टूर बुक कर लेवे। इससे आपको किसी प्रकार की चिंता नही होंगी। वैसे मैंने सभी विदेशी पर्यटकों को ऐसे ही घूमते देखा है। और हमारे भारतीय ट्रेवलर की बात करूं तो आप बिंदास होकर घूमे कोई समस्या नहीं आयेगी।

क्यों पुष्कर शहर में मांसाहार प्रतिबंधित है? ( Why Nonveg Food Banned in Pushkar city Rajasthan? )

पुष्कर सिटी के अंदर प्रवेश करते ही पग-पग पर आपको ऐतिहासिक महत्व के प्राचीन धार्मिक स्थल दिखेंगे। यही नहीं हरिद्वार की तरह यह भी हिन्दुओ का सबसे पवित्र शहर माना जाता है। शहर में आप किसी भी मोहल्ले, बस्ती में चले जाओ हर जगह दर्शनीय स्थल जिसमें मंदिर, जैन मंदिर, गुरुद्वारे दिखेंगे ऐसे में शहर की पवित्रता को देखते हुए पुष्कराज की नगरपालिका व प्रशासन ने यह निर्णय लिया की – समस्त पुष्कर में मांस बिक्री पर रोक लगाई जाए। यही कारण है की आपको वहाँ पर ढूढने पर भी एक भी मुसलमान नहीं दिखाई देंगा। और अगर मुस्लिम जनसंख्या है भी तो वे पशु क्रूरता से हटकर अन्य काम करते हैं।

पुष्कर में प्रसिद्ध गुरुद्वारा ( Gurudwara pushkar history Hindi Me)

1666 से 1708 के बीच में सिखों के दसवें सिख गुरु, गोविन्द सिंह जी ने भी पुष्कर झील के पास समय बिताया था। गुरु गोविन्द सिंह जी ने पुष्कर झील के किनारे पर बैठ कर गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ किया था। इसी कारण ये राजस्थान व भारत के सिख समुदाय के लिए भी एक पवित्र स्थान माना जाता है। इसी कारण यहाँ का गुरुद्वारा साहिब एक प्रमुख सिख धार्मिक है।

पुष्कर में प्रसिद्ध जैन मंदिर ( jain temple in pushkar city )

जेसा की आपको पता ही है जैन और हिन्दू धर्म काफी हदतक मिलता-जूलता ही है। यही कारण है की हर पवित्र हिन्दू तीर्थ शहर में एक खूबसूरत प्राचीन जैन टेम्पल भी होता है। दिगंबर पुष्कर जी नाम से यह जैन मंदिर मुख्य बाजार (Main Market) रोड पर स्थित है। इसके अलावा श्री जैन स्वेताम्बर पार्श्वनाथ मंदिर व श्री 1008 श्री महावीर दिगंबर जेसे दो और छोटे मंदिर बने हुए हैं।

 Books Store व Handmade पेपर से बनी नोटबुक

जब आप पुष्कर घाट जाते हैं तो रास्ते में एक सुंदर बाजार आता है जहाँ पर आपको Self Help बुक्स,  Self Improvement Books, मोटिवेशनल किताबे तथा हाथ से बनाई हुई कागज की सुंदर नोटबुक मिलेंगी। जो दिखने में काफी शानदार है। इसके अलावा हिन्दू धर्म के शास्त्र, वेद, पुष्कर तीर्थ महत्व की भी बहुत सारी पुस्तके मिलेंगी। बहुत सारी काम की किताबें ऐसी होती है जो हमें बाहर किसी फिजिकल स्टोर पर ही मिलती है।

पुष्कर के दर्शनीय स्थल (Pushkar Tourist Places in Hindi)

अभी तक आपने बहुत कुछ जाना और समझा अभी समय आ गया है एक ही पैराग्राफ में कुछ छुपे हुए हिडन टूरिस्ट प्लेस के बारे में। वेसे पुष्कर शहर में घूमने की 100 से अधिक जगह है। लेकिन आपको यहाँ पर कुछ पैसा वसूल पर्यटन स्थलों के बारे में बताऊंगा।

#1 रंगजी मंदिर पुष्कर – Rangji Temple in Hindi

रंगजी मंदिर का नाम भी पुष्कर के बेस्ट टूरिस्ट प्लेस के अंदर आता है। आप यहाँ पर दक्षिण भारतीय वास्तुकला का सुंदर चित्रण देख सकते है। रंगजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है हर साल लाखों लोग रंगजी टेम्पल में दर्शन करने आते हैं। मंदिर के पुजारी दक्षिण भारतीय है।

#2. ब्रह्मजी का मंदिर – Brahmaji mandir pushkar

ब्रह्याजी का मंदिर पूरे भारत देश में एकमात्र ब्रह्मा भगवान का मंदिर है। यह एक अति प्राचीन हिन्दू तीर्थ स्थल है। यहां पर विशेष प्रकार की सिक्योरिटी लगी होती हैं। हम जब पूरे परिवार के साथ गये थे। जब छोटे बच्चों को प्रवेश नही दिया गया था। लेकिन शायद ऐसा कोई नियम नही है। हर कोई, किसी भी उम्र का व्यक्ति जा सकता है। 14वीं शताब्दी में निर्मित ब्रम्हा मंदिर के के बाहर खादी हस्तशिल्प वस्तुओं की बहुत सारी दुकाने बनी हुई है।

#3. एडवेंचर पार्क व स्पोर्ट्स एक्टिविटी –

यहाँ पर मौजूद एक एडवेंचर पार्क राजस्थान का सबसे बड़ा साहसिक गतिविधियों को आयोजित करने वाला पार्क है। उसके बारे में इस पोस्ट में ऊपर पूरी जानकारी दी गई है इसलिए पूरी पोस्ट को पढ़े।

#4 वराह घाट पुष्कर – Varah Ghat Pushkar in Hindi

गउ घाट की तरह वराह घाट भी सबसे प्रमुख घाट की श्रेणी में आता है। सबसे अच्छी बात इसी घाट पर हर दिन संध्या आरती और विशेष दिन महाआरती होती है। वराह घाट पर होने वाली शाम की आरती आगंतुकों को झकझोर देती है।

#5. वराह मंदिर पुष्कर – Varah Temple Pushkar in Hindi

वराह का मतलब होता है डूकर पशु। भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह जी मंदिर पुष्कर में स्थित सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। हिरण्याक्ष राक्षस व भगवान विष्णु की पौराणिक कथा का उल्लेख मिलता है। हर सनातन धर्म के व्यक्ति को यह मंदिर जरूर देखना चाहिए।

#6. सावित्री मंदिर पुष्कर – Savitri Temple Pushkar in Hindi

रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित सावित्री देवी मंदिर प्रजापति भगवान ब्रम्हा की पत्नी देवी सावित्री को समर्पित है। देवी सावित्री को समर्पित इस मंदिर में गायत्री माता भी विराजमान है। मंदिर पर आपको बहुत सारी सीढिया चढ़नी पड़ेंगी। लेकिन इस तीर्थ का आनंद जरूर आयेगा। पैदल चलने में आलस आता है तो आपके लिए उड़न खटोले की व्यवस्था भी की हुई है।

#7. सावित्री मंदिर में जाने के लिए केबल कार – Savitri Temple Pushkar Ropeway in Hindi

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अगर आप राजस्थान में Cable Car या रोपवे का आनंद लेना चाहते हो तो सावित्री मंदिर के दर्शन करने होंगे। इसका शुल्क मात्र 90 रूपये है। काफी लोग गूगल पर सर्च करते है ‘ Cable Car travel activity in Rajasthan ‘ लेकिन उन Traveller को यह आर्टिकल मिलता नही। इसको हिंदी में उड़न खटोला कहते है।

#8. पाप मोचिनी मन्दिर पुष्कर – Gayatri Temple Pushkar in Hindi

पाप मोचिनी मन्दिर वेदमाता गायत्री देवी को समर्पित है। यही पर ब्रह्माजी ने देवी गायत्री को मनुष्य से देवता बनाया था। यह एक बड़ी पौराणिक कथा है जिसको संशिप्त में बताना ही बेहतर रहेगा।

#9. अट्टपेटश्वर महादेव मंदिर पुष्कर

भगवान शिव के पाँच मुंह वाले इस मंदिर का भी बहुत पुराना इतिहास है। ऐसा माना जाता है की ये पाँच मुँह हमारे पंचतत्व की ओर इशारा करते हैं। महाशिवरात्रि के दिन जरूर पधारे।

#10. गुरुद्वारा साहिब पुष्कर राजस्थान –
पुष्कर झील पर जिस घाट पर उन्होंने गुरुग्रंथ साहिब का पाठ किया था उसका नाम बाद में गोविंद घाट पड़ा। यह चौबीस घंटे खुला रहता है।

#11. मन महल पुष्कर –
Man Mahal का निर्माण महाराजा सवाई मानसिंह ने करवाया था। यह ठीक आपको झील के पीछे आपको दिख जायेगी। इसको बनाने के पीछे का उद्देश्य यह था की राजा व उनके मेहमान महल से झील के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सके। अभी वर्तमान में इसको राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग ने इसको हैरिटेज होटल का रूप दे दिया है।

पुष्कर में अनदेखी और अनसुनी घूमने की जगह [Hidden Tourist attractions in Pushkar]

१. Rose Garden – शहर में फूलों की खेती अधिक होती है ऐसे में यहाँ आकर आप विभिन्न प्रकार के फूलों को देख सकते है।

२. Aloo Baba Temple – आलू बाबा नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर में आप योगी को ध्यान करते हुए 【Linkk sirf dhyan me 】 देख सकते है।

३. पुष्कर लेक ब्रिज – झील के बाहर बना पुलिया।

४. श्री पंचकुंड शिव मंदिर – एक प्राचीन मंदिर।

५. बगडावत की बावडी – ऐतिहासिक स्थल।

६. पुष्कर घाटी व्यू पॉइंट – जब शहर में घुसते है तो इस घाटी से आपका सामना होता है। मोटापे से ग्रसित लोगो को उल्टी होने की संभावना ज्यादा होती है क्योकी घाटी की सड़कें बहुत घूमावदार होती है। इससे पेट की आंतो व मांशपेशियों की मसाज कार में बैठे-बैठे ही हो जाती है।

पुष्कर में कहाँ ठहरे – Hotel in Pushkar in Hindi

पुष्कर शहर में रुकने के लिए आपको सस्ती-महंगी होटल, आश्रम, धर्मशाला और रिसोर्ट मिल जायेंगे। इस पोस्ट में मैने बहुत सारे प्रसिद्ध आश्रमो की सूची भी बताई है वहाँ से कॉन्टेक्ट भी कर सकते है। लेकिन मेरा सुझाव आपको यह रहेंगा। आप किसी स्थानीय व्यक्ति से बात करेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। वे आपको सही जगह अच्छी बजट होटल का पता बता देंगे। मैं दो बार इस आध्यात्मिक शहर में गया लेकिन रात रूकने का मौका नही मिला। सुबह गये और शाम को वापस लौट आए।

Pushkar Sahar Ke Bare Me Aapke Sawal Aur Mere Jawab

पुष्कर इंग्लिश मीनिंग

Birth Place of Lord Brahma

पुष्कर का हिंदी अर्थ

कमल, झील, आकाश व स्वर्ग, पानी, जलाशय तथा पोखरा।

पुष्कर पशु मेला कब लगता है?

यह हिन्दू वर्ष के अनुसार कार्तिक-माघ माह में मनाया जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन अंग्रेजी कैलेंडर में कौनसी तारीख आती है वो आप मिलान कर देवे।

पुष्कर पशु मेला कहाँ आयोजित होता है?

मेला ग्राउंड में। आप किसी से भी पुष्कराज जाकर मेले ग्राउंड के बारे में पूछे घाट से थोड़ा ही दूर है।

पुष्कर जाने का सबसे अच्छा समय कौनसा है?

हर माह एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या तथा पशु मेले के दिन।

Railway Station in Pushkar Rajasthan

पुष्कर में कोई रेलवे स्टेशन नही है। आपको अजमेर रेलवे स्टेशन पर उतरकर रिक्शा, कैब व बस के माध्यम से पुष्कर पहुँचना होंगा।

पुष्कर झील की गहराई कितनी है?

10 मीटर यानी 30 फिट

पुष्कर में आरती कब होती है

पुष्कर घाट की आरती सर्दियों में शाम 7 बजे और गर्मियों में संध्याकाल 5:30 बजे शुरू होती है।

पुष्कर में कितने मंदिर बने हुए हैं?

लगभग 500 से अधिक।

पुष्कर झील के उपनाम
सबसे पवित्र झील / कनिष्ठ झील / प्रयागराज का गुरु / तीर्थो का मामा / पंचम तीर्थ / 52 घाट झील / क्रेटर झील।

पुष्कर बाजार में क्या मिलता है?
Blue pottery मतलब नीले रंग के मिट्टी के बर्तन, हस्तशिल्प वस्तुए, धार्मिक किताबे, मालाएं, बुढ़ापे में सहारा देने वाली लकड़ी, खादी वस्त्र।

तीर्थगुरु पुष्कर का मंत्र
जन्म प्रभाति मद पापस्त्रियों या पुरुषस्य वा। पुष्करे स्नान मात्रस्य सर्व-मेव प्रणष्यति।

पुष्कर में कौन सी नदी बहती है?
लूनी नदी

पुष्कर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कौनसा है?
पुष्कर घाट सरोवर झील। आपको चार नाम दिख रहे हैं परंतु है एक ही। सब लोग इस एक फेमस जगह को अलग अलग नाम से पुकारते हैं। उसके बाद ब्रह्मा मंदिर।


इस पोस्ट में आपने मेरी पुष्कर यात्रा का अनुभव प्राप्त किया। अपने विचार, राय, सुझाव नीचे ब्लॉग कमेंट बॉक्स में लिखे और इस आर्टिकल को सभी लोगो को शेयर करो ताकी वे इस महत्वपूर्ण पवित्र शहर को देख सके। आपको कुछ भी मदद मिली हो या फायदा मिला हो तो धन्यवाद जरूर बोले। मेरी पुष्कर यात्रा की दूसरी पोस्ट भी जरूर पढ़ें।

 

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