आत्महत्या क्या है और लोग सुसाइड क्यों करते हैं? | Suicide Se Kaise Bache Story in Hindi

आत्महत्या क्या है और लोग सुसाइड क्यों करते हैं? |Suicide se kaise bache 

शुरुआत में कुछ सकारात्मक शब्दो से करना चाहता हूँ। ताकी मैं आपको यह अहसास दिला सकू की जिस पीड़ा, दुख, समस्या से आप झूझ रहे हैं। वो सब मैं देख चुका हूं। और अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर ही ये पोस्ट लिख रहा हूँ। इस लेख को एक लेख की तरह ना पढ़े बल्की इस तरह पढ़े जैसे कोई व्यक्ति आपके दुख को समझ पा रहा है और अपना जीवन का अनुभव आपके साथ शेयर कर रहा है। आत्महत्या यानी सुसाइड से संबंधित अपने व्यक्तिगत अनुभव इस पोस्ट में आपके साथ साझा कर रहा हूँ। ताकी आप कोई भी गलत फैसला ना ले। इस बात का हमेशा ध्यान रखें हमारे सारे दुःख वे बड़े हो या छोटे ये सब स्थायी (टेम्परेरी) है। मतलब आप अगर ऐसा सोच रहे हो की ये समस्या मेरे साथ जीवनभर रहेगी तो ये आपका अज्ञान हैं। इस अज्ञान को दूर करने की जरूरत है।
 

आत्महत्या करने वाले आदमी के लक्षण ( suicide Symptoms in Hindi )

१. लोगो से बात करना बंद कर देता है –

इसका मतलब ये बिल्कुल भी नही है की जो इंसान कम बात करता है वो सुसाइड करने वाला हो। हो सकता है वो अपने जीवन लक्ष्य की योजना को अमल में लाने के लिए उस पर कार्य कर रहा हो? लेकिन ऐसा लड़का/ व्यक्ति जो बीना किसी कारण ही चुपचाप है। इसका मतलब वो किसी बहुत बड़ी प्रॉब्लम में फंसा हुआ है। इस लक्षण से मैंने अपने मोहल्ले में एक 25 साल के युवा दोस्त को आत्महत्या करते देखा है।


२. अत्यधिक नशे या एक से अधिक नशे शुरू करना –

जब व्यक्ति एक साथ चार से पाँच प्रकार के नशे करना शुरू कर देता है। तब समझ जाना की उसका अंत नजदीक ही है। क्योंकी ज्यादा नशे वही व्यक्ति करता है जो किसी बड़ी समस्या में फंसा हुआ है। इसके अलावा ज्यादा नशा करने से वैसे भी आदमी की उम्र कम हो जाती हैं।


३. निराशा में डूब जाना

अक्सर सुसाइड करने वाला इंसान निराशा में डूबा होता है। उस मनुष्य के दिमाग में बहुत सारे गलत विचार आ जाते हैं। वो अपने चारों ओर गलत ही देखता है। उसको अपने आसपास दिखने वाली अच्छी से अच्छी चीजें भी बेकार लगने लगती है।

आत्महत्या करने के कारण ( Suicide cause/reason in Hindi)

किसी भी व्यक्ति के आत्महत्या करने के बहुत सारे कारण (reason) होते हैं किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराना गलत होंगा।

1. सबकुछ पता होते हुए भी अपने लक्ष्य के काम को शुरू नही कर पाना –

देखिए, ये एक यूनिक कारण है। ऐसा मेरे साथ हुआ है तभी मैं इसके बारे में आपको अच्छे से बता सकता हूँ। जब हम अपने जीवन लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी योजना बनाते हैं और हमें यह भी पता चल जाता है की इस योजना को पूरा करने में इतना समय लगेगा और ऐसे ऐसे होंगा। उसके बाद में आप उस लिखित प्लानिंग पर। चल नही पाते या फीर उस काम को शुरू ही नहीं कर पाते ऐसे में हमारे अंदर बहुत ज्यादा तनाव आ जाता है। ऐसा महसूस होता है की भगवान मेरे साथ इतना गलत क्यों कर रहा है। हो सकता है आपके पास अच्छी टीम हो, घर का माहौल सही हो, तो शायद आपको इस प्रॉब्लम का सामना कभी नहीं होंगा। क्योंकी ये समस्या उसी लड़के-लड़कियों को आती है जिन लोगो का परिवार सपोर्ट नही करता, जिनके परिवार के लोग उसे डिमोटिवेट करते हो। ऐसे में वह व्यक्ति पूरी तरह टूटकर आत्महत्या की तरफ कदम उठाता है।

2. नशे, ड्रग्स का सेवन करना या करवाना –

सबसे पहले बात करेंगें जो लोग जानबूझकर नशा करते हैं नशे के अंदर कुछ भी हो सकता है जेसे (चाय, कॉफी, गुटखा, शराब, एलोपैथी दवाइयां, कोकीन, हेरोइन) इत्यादी। ऐसे में लगातार ये नशे करने से आपका शरीर और मन दोनों कमजोर होने लगता है। शरीर को तो फिर भी ठीक किया जा सकता है पर मन यानी दिमाग की नश-नाडिया/मासपेशिया पूरी खराब होने से उनको रिकवर होने में समय लगता है। ऐसे में मानसिक विकृतियों के कारण सुसाइड करने का सोचता है। दूसरा कारण होता है की आप गलत लोगो की संगत कर देते हैं जो पहले से नशेड़ी होते हैं। इस परिस्थिति में भी आपकी मनस्थिति बिगड़ जाती है।


3. परिवार, रिश्तेदार या आसपास के लोगो द्वारा उस बंधे/बंधी को सुसाइड करने के लिए उकसाना –

बिल्कुल सही पढ़ा। जब कोई व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ रहा होता है तो आपके आसपास के कई लोगो को यह जलन होती है की यार ये तो अपने परिवार का नाम रोशन कर रहा है। ये तो कुछ अलग ही कर रहा है ऐसे में वे लोग आपके लिए कुछ ऐसी परिस्थितियां बनाते है जिससे आप परेशान हो जाते हो। ऐसी स्थिति में जो कमजोर समझ (Weak Understanding) वाला लड़का-लड़की होते है वो सुसाइड कर लेते है लेकिन जो समझदार होता है वो उसका सामना करता है और इससे बाहर निकलने की कोशिश करता है

4. आर्थिक संकट (बेरोजगारी) के कारण आत्महत्या करना –

पैसो की समस्या के कारण आत्महत्या करना सबसे मामूली कारण होता है। इसमें भी दो केटेगरी के लोग होते हैं पहले वे जो शादीशुदा होते हैं लेकिन किसी कारणवश उनको कर्ज लेना पड़ता है या फिर किसी आपातकालीन स्थिति में अधिक पैसो की जरूरत पड़ जाती है ऐसे में वे लोग अपना सबकुछ बेच देते हैं फिर भी इनकी भरपाई नही होती। दूसरा कारण इसमें भारत के नोजवान युवा आते है अंग्रेज लार्ड मैकाले के स्कूल से शिक्षा प्राप्त कर भारत का युवा अपनी कक्षा 1 से 12वी तक का अध्ययन पूरा करता है उसके बाद माँ-बाप कहते हैं बैठा कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी कर ले। इसके बाद वह युवा खून (युवा-युवतियां) अपने जिंदगी के तीन साल ओर बर्बाद करता है/करती हैं। अभी 12+3 =15 साल बर्बाद करने के बाद अभी उसके माता-पिता विशेषकर गाँव के अभिवावक उस नोजवान पर दबाव डालते हैं की पैसा कमाकर ला, अभी उस बेचारे को पैसो का ‘P’ भी नही पता वो कहा से पैसा कमायेगा? ऐसे में वो दबाव में आकर कोई भी xyz तनाव वाली नोकरी करना शुरू कर देते हैं। लेकिन इनमें से कुछ युवाओं पर दबाव बहुत अधिक होता है जिसके कारण वे इस आत्मघाती कदम को उठा लेते हैं।

5. परिवार की समस्याओं के कारण  –

आजकल के माता-पिता या लड़के-लड़की के दादा-दादी, अंकल-आंटी बच्चे के मन की बात को उसके जज्बातों को समझने की बजाय हर बात पर टोकते रहते हैं। समाज में, रिश्तेदारो में सबके सामने चिलाते रहते हैं की ये तो कुछ नहीं कर रहा। ऐसे में वो व्यक्ति तनाव में डूब जाता है। किशोरावस्था में बच्चे को प्रेरणा और उत्साह की जरूरत होती है ताकी वो जीवन में अपना एक प्रोफेशन सेट कर सके। लेकिन परिवार वाले अपनी बोली से और अन्य गतिविधियों से स्ट्रैस वाला वातावरण बना देते हैं।

 Suicide Ko Rokne Ke Liye Quotes in Hindi

Quote – 1


समाधान (Solution) पर फोकस करना समस्या नही है


Quote – 2

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जितना मनुष्य मरने में समय लगाता है उसका 20 प्रतिशत समय अगर वो ये सोचने में लगा देता की ये समस्या कैसे दूर होंगी तो वह प्रॉब्लम उसके जीवन से हमेशा – हमेशा के लिए खत्म हो जाती।



Quote – 3



मरना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है उस Problem को खत्म करना ही सोल्युशन है।



Quote – 4



सिर्फ अच्छी प्रेरणा देने वाली पुस्तकें तथा जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कराने वाली काम की किताब पढ़ ले तो इनको पढ़ने में पाँच से दस साल का समय लग जायेगा। इससे आपका सारा दुख और तनाव छूमंतर हो जायेगा।

 

Quote – 5



“आत्महत्या” शब्द केवल कायरो के शब्दकोश में होता है

 

Quote – 6

शीशे के सामने खड़े होकर खुद से माफी मांगता हूं, बहुत दिल दुखाया खुद का। दूसरो को खुश करते करते।

 

Quote – 7

याद रखे, दुख हमेशा अस्थायी होता है। दुख आता है और बहुत जल्दी चला भी जाता है।

 


Quote – 8

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आत्महत्या एक बहुत ही अस्थायी समस्या का बेवकूफी भरा स्थायी समाधान है


Quote – 9

जगह(जन्मस्थान) बदलिए, नौकरी(जॉब) बदलिए, दोस्त(friends) बदलिए, सब कुछ बदलिए. लेकिन सुसाइड का विचार त्याग दीजिये. कुछ समय बाद आप पाएंगे कि यह आपकी जीवन के बेहतरीन फैसलों में से एक था।

Quote – 10

 जिन लोगों ने आत्महत्या का इरादा बदला है, उन्होंने जीवन में किसी ना किसी मुकाम पर खुद को साबित किया हीं है।

 

जब मेरे मन में कई बार ये आत्मघाती कदम उठाने के विचार आये ( My Sucide Story in Hindi )

इस आत्मघाती कदम उठाने के विचार, मेरे मन में एकबार नही कई बार आये लेकीन मैंने हर बार ये कहकर इस जानलेवा कदम को ठुकरा दिया क्योकी मैने कही सुना था की हर कुत्ते का दिन आता है फिर मैं तो एक इंसान हूँ। इसके अलावा मेरा बचपन में बहुत ज्यादा शोषण हुआ मतलब मुझे एक रोबोट की तरह इस्तेमाल किया गया या फिर आप बोल सकते हैं एक जानवर की तरह जिसे खाने के लिए भरपूर घास-फूस (भोजन) मिलता था और बदले में रगड़-रगड़ कर कार्य करवाया जाता था। यही नही मेरे साथ एक ऐसी बात भी हुई जो आप सुनकर हसेंगे भी तथा अपना दुख भी प्रकट करेंगे। क्योकी मेरे परिवार में, मैं दादा के घर में इकलौता लड़का हूँ हम अभी भी संयुक्त परिवार (जॉइन फैमिली) है मतलब मेरे दादाजी के दोनों बेटे साथ में ही रहते हैं। मेरे काकोसा (अंकल) के तीन लड़की है व मेरे पिताजी के दो लड़की और एक लड़का (मैं) हूँ। कुल मिलाकर पाँच बहनो के बीच में अकेला पुत्र हूँ। अभी आप ये सब हमारे पुरुषवादी समाज की अवधारणा के अनुसार सोच रहे होंगे की विनोद यार तेरे तो मौज है? मजे है? बिल्कुल राजस्थान हो या कोई भी राज्य जहाँ पर भी घर में एक बेटा होता है उसको सारी सुख-सुविधाएं भरपूर दी जाती है। लेकिन मेरी सोच में विपरीत है मतलब उल्टी गिनती! मुझे बाहर से ये संपन्न दिखाने की मेरे परिवार ने कोई कसर नही छोड़ी जबकी हकीकत में एक समय मेरी हालात बहुत ज्यादा खराब थी। खैर मैं इसको अपनी बदकिस्मती नही मानता क्योकी मुझे सफलता के स्टेप्स पता थे  की इन्सान को जितना दुख मिलता है उतना वो कुछ बड़ा करने के लिए मजबूर होता है। और यही मेरे साथ हुआ। मैंने सही ज्ञान को हासिल करके अपना वजूद बनाया। आज मेरी तरफ कोई आँख उठाकर नही देख सकता है क्योकी मैंने सबकुछ अपने दम पर किया। इस पूरी प्रकिया में 5 साल से अधिक समय लगा। और इस जीवन को सही करने के प्रोसेस में मुझे 100 बार आत्महत्या करने के विचार आये। मेरा यह अनुभव रहा है ये परिस्थिति या समस्या उसी को आती है जो एक अच्छी लाइफ जीने के लिए आगे कदम उठाता है। जो व्यक्ति बस पेट भरने के लिए जी रहा है वो तो कोई भी छोटी-मोटी नोकरी करके पैसे कमाकर अपना और परिवार का पेट भर देंगा। लेकिन जिसको बड़े-बड़े सपनो को हकीकत में बदलना है वो व्यक्ति बहुत ज्यादा दुःख देखता है। कई बार मुझे ऐसा महसूस हुआ की सबकुछ खत्म हो गया है लेकिन फिर भी मैने हिम्मत नहीं हारी। पहले में भी सोचता था की लोग पता नही आत्महत्या क्यो करते हैं इतनी अच्छी दुनिया है, इतनी खूबसूरत जगह है लेकिन ये बात सच है जब आदमी में खुद में वो बीतती है खुद उस क्षण को महसूस करता है तब बाकी सारी बातें फीकी हो जाती है उस समय कोई मोटिवेशन काम नही आता।

आत्महत्या रोकने के उपाय [ How to stop/avoid Suicide in Hindi ]

अभी आपके मन में ये सवाल चल रहा होंगा की आपने सुसाइड के बारे में सबकुछ अच्छी जानकारी तो दे दी। लेकिन एक आम आदमी जिसकी बुद्धि अभी तक विकसित नही हुई है वो इंसान किन नियमो का पालन करें जिससे की उसके आत्महत्या के विचार बदल जाये।

[A.] घूमने निकल जाये
घूमने का मतलब घुमक्कड़ी! ये सबसे आसान और सस्ता रास्ता है अपने दुखों तथा समस्याओं से कुछ समय के लिए दूर भागने का। या फिर आप जो भी काम कर रहे हो उसके साथ-साथ ही हर सप्ताह या जब भी आपको छूटी मिले तब कई भी नजदीकी स्थल पर घूमने जाये। घूमने से हो सकता है आपको कोई घटना, जीवन बदल लें। क्योंकी एक गांव से दूसरे गांव या एक शहर से दूसरे शहर जब हम जाते हैं तो कुछ नया देखते है, सुनते है, कुछ नया खाते हैं, नये लोगो से मिलते है ये सारा अनुभव आपको अंदर से बहुत मजबूत बनाता है और इस खूबसूरत संसार में जीवित रहने के लिए प्रेरित करता है।


[B.] अच्छी सेल्फ हेल्फ पुस्तकें पढ़े
सेल्फ हेल्प, सेल्फ इम्प्रूवमेंट तथा मोटिवेशनल किताबों को पढ़ने से आपके अंदर एक कमाल की ऊर्जा आ जाती हैं। आपकी बड़ी-बड़ी समस्याओं का सरल उपाय इन पुस्तकों में लिखा हुआ होता है। मैं आपको सलाह दूंगा की आपके पास पैसे है तो आप इन किताबों को फिजिकल खरीदकर पढ़े। पैसे नही है तो फिर ऑनलाइन फ्री में डिजिटल पढ़े। जिनकी लिंक्स नीचे दी हुई है। फिजिकल का मतलब आप बेस्ट सेलिंग इंस्पीरिंग बुक्स को ऑनलाइल/ऑफलाइन स्टोर से खरीद सकते हैं। फिजिकल पढ़ने से आपकी आंखें भी खराब नही होंगी दूसरी बात आप उसको किसी भी समय पढ़ सकते हैं।

यह भी पढ़े –  सेल्फ हेल्प बुक्स

मोटिवेशनल  पीडीएफ बुक्स 


[C.] लंबी तीर्थ यात्रा करे
लंबी मतलब 3 से 7 दिन तक चलने वाली कोई धार्मिक यात्रा। ये कोई मुश्किल काम नही है। भारत जेसे देश में हर धर्म के पहाड़ों में, नजदीक में सैकड़ों पर्यटन स्थल है। कोशिश करे अकेले जाने की, अगर आपके पास पैसे कम है तो भारतीय रेल का सहारा ले ये आपको कम पैसो में लंबी दूरी की यात्रा करवाने में मदद करेंगी। लम्बी तीर्थ यात्रा करने से आपको एक आध्यात्मिक शक्ति भी मिलेंगी व जीवन में एक तृप्ति भी मिलेंगी।

[D.] परिवार के साथ समय बिताइए
अगर आपके परिवार में कुछ समझदार या शांत स्वभाव के लोग है तो उनके साथ खाना-खाएं, कुछ देर उनके साथ हँसी-मजाक करे ऐसा करने से आपको अच्छा महसूस होंगा। लेकिन कुछ लोगो का बचाव ही मौत बन जाता है। क्योकी सबके परिवार के सदस्य अच्छे नही होते। लेकिन मैंने अपने अनुभव से ऐसा देखा है की बहुत से परिवार के सदस्य ( माता, पिता, बहन, भाई ) अच्छे स्वभाव के होते हैं।


[E.] दोस्तो से मिले
अपनी कोई समस्या है तो अपने खास मित्र से संपर्क करे उसके साथ अपनी प्रॉब्लम शेयर करे इससे वो आपको सही दिशा देंगा। एक सच्चा दोस्त आपकी मुश्किलों में हमेशा साथ देंगा।


[F] स्वाध्याय या आत्मचिंतन करें
स्वाध्याय का मतलब खुद का अध्ययन करना, अपना मूल्यांकन करना। आप आज से पाँच साल पहले कैसी जिंदगी जी रहे थे? और अभी आप अपनी पिछली लाइफ से बेहतर जीवन जी रहे हैं या उससे घटिया? अपने अच्छे अनुभवो को याद करे। ऐसा करने से आपको आत्मविश्वास मिलेंगा। मैं इस ट्रिक को फॉलो करने के बाद काफी हल्का महसूस करता हूँ। क्योकी ऐसा करने से आप स्वयं को अपने भूतकाल से अच्छा ही पायेगे। जो आपको कुछ साल पहले समस्याएं बड़ी लगती थी वो आज छोटी हो चुकी है। स्वाध्याय या आत्मचिंतन करने के लिए सबसे अच्छी जगह खुला मैदान या छत है, जहां पर आप अकेले हो।

 शास्त्रों और गरुण पुराण में आत्महत्या करने वाले लोगो के लिए क्या कहा गया है

प्रॉब्लम से निजात पाने के लिए की गई आत्‍महत्‍या के बाद शरीर की लाइफ भले ही खत्‍म हो जाती है, लेकिन आत्‍मा नहीं मरती और उसे बहुत दुख देखना पड़ता है. गरुड़ पुराण (Garuda Purana) के अनुसार ऐसे व्यक्ति बार-बार इस निम्नतर योनि में जन्म होता है जो धरती पर आकर बहुत कष्ट देखकर जिंदगी जीते हैं।

Aatmahatya Se Jude Sawal Jawab 

Q.1) suicide note Kya hota hai?

व्यक्ति मरने से पहले एक कागज पर अपने मरने की वजह या कारण को लिखता है। उसे सुसाइड नोट कहते हैं।

Q.2) क्या आत्महत्या एक सामाजिक समस्या है?

जी बिल्कुल, ये एक बहुत बड़ी समाज में समस्या है। आजकल की युवापीढ़ी छोटी समस्याओं के कारण प्राण त्याग देते हैं।

Q.3) आत्महत्या से कोई लाभ है?

ये सवाल आप अपने आप से पूछे की इससे किसी का भला होंगा। इससे किसी को कोई फायदा नही होने वाला। ये ब्रह्मांड व प्रकृति आपको कभी माफ नही करेंगी।

Q.4) आत्महत्या क्या है?

एक ऐसा गलत निर्णय जो मनुष्य किसी समस्या के समाधान के रूप में करता है। जबकी वो समाधान नही है।

Q.5) Suicide Facts in Hindi

सबसे अधिक आत्महत्या करने वाले देशो में अमेरिका सबसे टॉप पर आता हैं।

Q.6) वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन दिवस (World Suicide Prevention Day) कब मनाया जाता है?

10 सितंबर

Q.7) हर साल कितने लोग आत्महत्या से मरते हैं?

तकरीबन 8 लाख

सभी धर्म में आत्महत्या का वर्णन ( What all religions say about suicide? )

दुनिया का हर-धर्म suicide के बारे में क्या कहता है इसके बारे में चर्चा करते हैं।

आत्महत्या के बारे में इस्लाम धर्म क्या कहता है?

कुरान की आयत में लिखा है।


“अपने आप को मत मारो, निश्चित रूप से भगवान आप पर बहुत दयालु है।” 

 

आत्महत्या के बारे में हिन्दू धर्म के वेद-शास्त्र क्या कहते है?

जेसा की ऊपर मैंने सत्य सनातन (हिन्दू) धर्म के गरुड़ पुराण का उदाहरण दिया। लेकिन अगर अन्य वेदों में लिखित बातों को बताऊ तो, आत्महत्या को पाप बताया है। किसी हिन्दू देवता या अवतारी पुरूष ने ऐसा कार्य नही किया है।

आत्महत्या के बारे में सिख धर्म क्या कहता है?

सभी बड़े सिख गुरुओ ने आत्महत्या करने वाले लोगों को कायर कहा है। सिख व्यक्ति धर्म की रक्षा और देश की रक्षा करने के लिए पैदा हुआ है ना की मरने के लिए।

आत्महत्या के बारे में बौद्ध धर्म क्या कहता है?

बौद्ध धर्म में दो भिक्षुओं ने इस सोच के साथ सुसाइड किया था की हमे मुक्ति मिल जायेगी। लेकिन भगवान बुद्ध ने इसका विरोध किया और कहा की दुःख एक प्राकृतिक घटना है। इसके निवारण के लिए शरीर को त्यागना कदापि उचित नहीं है।


आत्महत्या के बारे में जैन धर्म के विचार?

जैन धर्म में सुसाइड को हिंसा बताया है। जैन मुनि हिन्दू साधुओं की तरह समाधि नही लेते। जैन मुनि एक परम्परा-रीत के अनुसार निर्वाण प्राप्त करने के खाना-पीना छोड़ देते हैं। लेकिन इसका लाभ सिर्फ जैन मुनि को ही मिलता है।

आत्महत्या के बारे में ईसाई धर्म के विचार?

क्रिश्चियन के बाईबल में भी जीजस ने इसको गलत बताया है।

आत्महत्या के बारे में यहूदी धर्म के विचार?

इनके अंदर ऐसे कार्य करने वाले लोगो को श्मशान घाट में अलग जगह दफनाया जाता है और उनकी निंदा की जाती है।

 

99% नम्बर आने के बावजूद एक लड़के ने आत्महत्या कर डाली

ये कहानी बहुत ज्यादा भावनात्मक है। एक लड़के ने अपने 12th परीक्षा के आधार पर अपने पूरे लाइफ को डिजाइन कर दिया था। बाहरवी में 99.99% नम्बर आयेगे तो मेरा एडमिशन उस बड़े कॉलेज में होंगा, उसके बाद मेरी उस कंपनी में इतना करोड़ का पैकेज लगेंगा, उसके बाद शादी होंगी। लेकिन जेसे ही उसका रिजल्ट आता हैं। तो उसके एक नम्बर कम आ जाता है और उसने जो सपने देखे थे वो सब चकनाचूर हो गये थे। इसी के कारण उस लड़के ने आत्महत्या कर ली। ये प्रॉब्लम कोई छोटी नही है ऐसे भारत में लाखों स्टूडेंट्स है जो एक नम्बर कम आने के कारण अपने पूरे जीवन को खत्म कर देते हैं। ऐसे में उसको संदीप माहेश्वरी के प्रेरक विचार को पढ़ना चाहिए  संदीप माहेश्वरी जी कहते हैं की हमारा जीवन एक क्रिकेट गेम की तरह है जिसमे हमे खुद को साबित करने के लिए 6 बॉल मिलती है। आपके पास बल्ला है अभी सामने वाला गेंदबाज बॉल फेंक रहा है, अभी पहली खाली भी चली जाए तो इसका मतलब यह नही की पूरी जिंदगी ही खत्म हो गई। आपके पास पांच बॉल और पड़ी है जिसमें आप अपने आप को साबित कर सकते हो। 6 में से 5 भी खाली चली जाए तब भी आप जिंदगी के खेल से आउट नही हुए है। आप चाहे तो छठवी बॉल में छक्का जड़कर पूरे पाँच खाली बॉल की कसर निकाल सकते हैं।


इस संसार के हर व्यक्ति, पुरुष, महिला, युवाओं-युवतियों, बुजुर्गों तक इस पोस्ट को शेयर करो ताकी इतने अमूल्य जीवन को लोग नष्ट ना करे। अपने सवाल/सुझाव/विचार नीचे ब्लॉग कॉमेंट सेक्शन में लिखे।

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