देशभक्ति कैसे करें? Desh Bhakt बनने के 10 तरीके

देशभक्ति कैसे करें? Desh Bhakt बनने के 10 तरीके

किसी भी देश की पूरी जनसंख्या में से 1% या 5 प्रतिशत लोग असल में देशभक्त होते हैं। भारत जैसे देशों में लोग कुछ लोगो की भक्ति करना पसंद करते हैं, लेकिन मेरा व्यक्तिगत अनुभव यह कहता है, की हम सभी लोगो को अपने देश में हो रही किसी भी गतिविधि/ हिंसा/ और जन आंदोलनों को देशभक्ति के चश्मे से देखना चाहिए। ना की किसी राजनैतिक पार्टियों के गुलाम बनकर। क्योंकी ये सारे राजनीतिज्ञ और राजनैतिक पार्टियो को चलाने वाले लोग विश्व शासक कहलाते हैं, इनके इशारों पर ही ये चलते हैं। शायद आपको यह बात समझ में ना आये, लेकिन यह सच्चाई है। क्योंकी जो गलतियां आपने की या कर रहे हो, मैंने भी की। इसलिए आज हम एक अच्छे और सच्चे देशभक्त बनकर अपने देश की सेवा करेंगे।

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इन चीजों का बहिष्कार करें

वो सारी चिकित्सा पद्ति, भोजन, भाषा, बोली, संस्कृति जो विदेशी हैं। उनको छोड़े और अपने देश की राष्ट्रीय भाषा ज्यादा से ज्यादा बोले। अँग्रेजी चिकित्सा ( allopathy medicine) का इस्तेमाल करना बंद करें। अपने देश में उगे हए फल और सब्जियां खाये। हमेशा वो सारी वस्तुएं या संस्कृति जो अपने देश की नही है, उसे छोड़ दे।

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भेदभाव ना करे

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब एक भाई – भाई इस सोच के साथ आप जीते हो, तो आप एक राष्ट्र भक्त / देश प्रेमी हो। क्योकी एक देश तभी महान और खुशहाल रह सकता हैं। जब उस देश के सभी नागरिक मिल जुलकर रहते हो। और ये जाती- पाती ( कास्ट सिस्टम ) खत्म करो। सभी लोग अपने धर्म से पहले अपने देश के खातिर जिओ, तभी आपको असली आनंद आयेगा। और एक हिम्मत भी आएगी, कुछ करने की।

 

इन लोगो से दूर रहे

चाहे वो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो या सोशल मीडिया या फिर ऐसे लोग जो देश विरोधी बात करते हो, किसी सही गतिविधि या आंदोलन को गलत साबित करने का प्रयास करते हो, इन सभी बिकाऊ लोगो और मीडिया से दूर रहे। ये आपको वही दिखायेंगे, जो इनके जेब में भारी पैसों का बंडल रखेंगे।

एकता की शक्ति

सच में “unity is strength ” अंग्रेजी की एक बहुत लोकप्रिय कहावत है, जिसमे यह बताया गया है, की किस तरह एक संगठन या सभी लोग जाती, धर्म छोड़कर एक साथ खड़े होते हैं और मुश्किल से मुश्किल हालातो पर भी काबू पा जाते हैं। चाहे देश पर या आपके गांव में कितनी भी बुरी आफत क्यों ना आ जाये, आप सभी देशवासी मिलकर उसका मुकाबला कर सकते हैं।

 

स्वदेशी वस्तुएं अपनाएं

जो भी आपका देश हैं, उसी देश में बनी वस्तुएं खरीदे। मेरे गुरु राजीव दीक्षित जी ने ‘जापान देश’ का एक सुंदर उदाहरण दिया जो आज मैं आपके साथ साझा करना चाहता हूँ।

जापान इतना शक्तिशाली और समृद्ध देश इसलिए बना, क्योंकी वहाँ के लोगो में बचपन से ही, विद्यालय से ही देशभक्ति की भावना भर दी जाती हैं। Japanese लोग सारी वस्तुएं ( आइटम्स) अपने देश में निर्मित हुई खरीदते हैं। उनका आयात बहुत कम है। भाषा, खानपान, भोजन और नित्य उपयोग में आने वाली सारी चीजें वो खुद के देश की संस्कृति के अनुसार करते हैं। यही इनकी समृद्धि का राज हैं। इसलिए अगर आप असली देशभक्ति करना चाहते हो, तो कोई भी चीज बाजार से खरीदो तो सबसे पहले उसकी ‘ कंपनी का नाम और एड्रेस पता देखो ‘ उसके बाद ही खरीदो।

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राजीव दीक्षित जी के अनमोल विचार

 

कुछ विदेशी कंपनिया जो हर देश में होती हैं, और अपना भेष बदलकर पूरी दुनिया में माल बेचती है।
उदाहरण के लिए ;- यूनिलीवर
ये कंपनी भारत में आयेगी, माल बेचने तो अपनी कंपनी के आगे ‘ Hindustan ‘ लगा देंगी। तो फिर इस कंपनी का नाम हो जाएगा, हिन्दुस्तान यूनिलीवर। ठीक इसी तरह ” टोबेको कंपनी” जो सिगरेट बनाने का काम करती हैं। ये भी जिस देश में जाती हैं, वहाँ का नाम आगे जोड़ देती हैं।
उदाहरण;-
Itc – इंडियन टोबेको कंपनी
Ptc – पाकिस्तान टोबेको कंपनी
Ntc – नेपाल…
समझ गए?

 

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देश सेवा उद्धरण

1. मेरा मन स्वदेशी, मेरा तन Swadeshi, मर जाऊ तो भी मेरा कफ़न हो… स्वदेशी !

 

2. अगर देश के काम ना आये हो जीवन बेकार साथियों हो जीवन बेकार।

 

3. जिस देश ने आपको सबकुछ दिया, आपने उस देश को क्या दिया?

 

4. राष्ट्रप्रेम की एक अच्छी परिभाषा यह भी है- की सभी धर्मों के लोगो समान दृष्टि से देखना। किसी से भेदभाव नहीं करना।

 

5. सबसे पहले खूब सारा पैसा कमा लो, अपने सारे जीवन लक्ष्य और सपने पूरे कर लो फिर अपना बाकी बचा जीवन देश सेवा में लगा दो। किसी एक सामाजिक / राष्ट्रीय समस्या को खत्म करने में अपना पूरा जीवन लगा दो। इसी में सच्चा आनंद हैं।

 

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