Surya Namaskar Mantra Ke Sath kaise kare? | सूर्य नमस्कार कैसे करे?

Surya Namaskar Mantra Ke Sath kaise kare? | सूर्य नमस्कार कैसे करे?

सभी योग आसनों में सूर्य नमस्कार सर्वश्रेष्ठ हैं। योगी लोग कहते हैं, जो भी व्यक्ति प्रतिदिन पांच बार सूर्य नमस्कार का अभ्यास करेंगा। उसमे इतनी ताकत आ जायेगी, की वह आदमी किसी भी जिम जाने वाले बॉडी बिल्डर पहलवान को पछाड़ सकता हैं। मतलब उठाकर फेक सकता है। देखा, ये हैं, सूर्य नमस्कार की ताकत !! सूर्य नमस्कार के बारे में सम्पूर्ण जानकारी आज आपको प्राप्त होंगी इसलिए यह पोस्ट पूरी पढे। चलिए शुरू करते है; Surya Namaskar Mantra Ke Sath kaise kare, सूर्य नमस्कार कैसे करे,अपनी हिंदी भाषा में।

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 सूर्य नमस्कार कैसे करें?

सबसे पहले आप किसी खुले मैदान या अपनी छत पर चले जायें। और योगामेट बिछा दे। अगर आपके पास योगामेट ना हो तो, घर में मौजूद कोई भी जमीन पर बिछाने की चदर ले सकते हैं। अब नीचे जो आपको बारह आसन बता रहा हूँ। इनका जो नम्बर लिखे हुए हैं, 1,2,3,4,5, जिस नम्बर पर जो आसन हैं, उसी क्रमनुसार करना हैं। आगे पीछे नही। तभी आपको पूरा लाभ मिलेंगा। अब शुरू करते हैं; सूर्य नमस्कार स्टेप बाय स्टेप ;-

 

1.प्रणामसन/ प्रणाम स्थिति (pranamasana Pranam Sthiti) –

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एकदम सीधे खड़े रहे सावधान की मुद्रा में और हाथ जोड़े।

 

2. हस्तोत्तानासन (Hastottanasana) – 

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खड़े खड़े ही सांस भरते हुये, जितना हाथ पीछे लेकर जा सकते हो उतने लेकर जाये। कुछ सेकेंड इसी पॉजिशन में रुके।

 

3. पादहस्तासन (Paadhastasana/Uttanasana) –
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इस आसन को उतानसन भी कहते हैं।
हस्तोत्थासन के बाद सांस छोडते हुए धीरे-धीरे आपको नीचे झुकना हैं। आपको अपने दोनों हाथ, पांवों(पैर) की उंगलियों पर लगाने हैं। घुटने एकदम सीधे रखे। और अपने सिर को घुटनों पर लगाये। अगर आप पहली बार कर रहे हैं, तो आपसे यह मुश्किल होंगा, इसलिए ना हो तो कोई चिंता की बात नही अगला आसन शुरू करें। लेकिन अभ्यास हर रोज करे, ताकी एक दिन आप यह सीख जाये।

 

4. अश्व संचालन बाऍ (Ashv Sanchaln Left) –

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जिस प्रकर हम ‘खो-खो’ खेल, खेलते समय अपनी मुद्रा आकृती बनाते हैं, ठीक उसी प्रकार तैयार रहे और अपना बाऍ (लेफ्ट), पैर को आगे लाए और दाए को पीछे लेकर जाये।

 

5. दण्डासन (Dandasana) –

जिस प्रकार हम पुश-अप करते हैं, वह आकृति बनाएं।

 

6. अष्टांग नमस्कार (Ashtanga Namaskara) –

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अपना सिर, पेट, घुटने तीनो जमीन से स्पर्श करें और पैरों के पीछे के पंजे ऊपर रखें।

 

7. भुजंगासन ( Bhujangasana ) –
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अभी थोड़ा ऊपर उठकर गर्दन नजर उपर आसमान की तरफ सांस लेते हुए।

 

8. पर्वतासन (Parvatasana) – 

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पर्वत की तरह आकृति बनाये। पुश-अप की पोजिशन में ही हाथ नीचे और गुदा ऊपर। कुछ सेकेंड रुके।

 

9. अश्व संचालन दाऍ (Ashv Sanchaln Right)

बाऍ (लेफ्ट), पैर को पीछे लाए और दाए पैर को आगे लेकर जाये। मतलब अश्व संचालन बाऍ को इसमे उल्टा करना है।

 

10. पाद हस्तासन (Paad Hastasana) –

बिंदु नम्बर तीन देखे।

 

11. हस्तोत्थासन (Hastotthasana) – बिंदु नम्बर दो देखे।

 

12. प्रणाम स्थिति (Pranam Sthiti) –
बिंदु नम्बर एक देखे।

【अंत End】:- विश्राम की मुद्रा में खड़े हो जाये और भाव करते हुए बोले, “सूर्य नमस्कार से पूरे शरीर का कायाकल्प” अब दोनों हाथों रगड़कर चेहरे पर, आंखों पर, गर्दन पर अच्छे से मसाज करें।

 

मंत्र के साथ सूर्य नमस्कार

मंत्र नीचे दिए हुए हैं, एक आसन करने से पहले या बाद में हर आसन के साथ एक मंत्र बोले। किसी विशेष आसन के लिए अलग मंत्र नही हैं, नीचे दिए गए 12 मंत्र में से कोई भी एक मंत्र आप शुरुआत में, बीच में, अंत में बोल सकते हैं। एक दिन में आपको सभी याद नही होंगे, हर दिन दिन में दो-तीन बार पढे और सूर्य नमस्कार करते समय बोले इससे अभ्यास हो जायेगा।

 

 सूर्य नमस्कार के 12 मंत्र

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अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होंगा। की क्या बिना मंत्र के सूर्य नमस्कार नही कर सकते क्या? मेरा जवाब हैं, बिल्कुल आप कर सकते हैं। लेकिन इन सभी बारह मंत्रो के साथ सूर्य नमस्कार करने से आपको बहुत ज्यादा लाभ होंगा। मंत्र के साथ सूर्य नमस्कार करने से आपके शरीर के अंदर छुपी बहुत सारी दिव्य और रहस्मयी शक्तियों का विकास होता हैं। आपके शरीर का आध्यात्मिक विकास होता हैं। आपके शरीर के अंदर कुछ चक्र जाग्रत होते हैं। जिससे आपको अकल्पनीय फायदे होते हैं।

(1.) ॐ मित्राय नमः

(2.) ॐ रवये नमः

(3.) ॐ सूर्याय नमः

(4.) ॐ भानवे नमः

(5.) ॐ खगाय नमः

(6.) ॐ पूष्णे नमः

(7.) ॐ हिरण्यगर्भाय नमः

(8.) ॐ मरीचये नमः

(9.) ॐ आदित्याय नमः

(10.) ॐ सवित्रे नमः

(11.) ॐ अर्काय नमः

(12.). ॐ भास्कराय नमः

【नोट】:- सबके पीछे जो : ये चिन्ह लगा हैं, उसको ‘ह’ शब्द की ध्वनि से उच्चारण करे।
उदाहरण – ‘नमह’ ।

सूर्य नमस्कार करने के फायदे

1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सूर्य नमस्कार करने वाले व्यक्ति को अतिरिक्त एक्सरसाइज या जिम जाने की जरूरत नही पड़ती।

 

2. सूर्य नमस्कार से शरीर में बहुत अधिक बल आ जाता हैं। किसी जिम (GYM) जाने वाले व्यक्ति से भी अधिक ताकत आपके अंदर आ जाती हैं।

 

3. हर रोज सूर्य नमस्कार करने वाले इंसान (पुरुष /महिला) बुद्वि का विकास होता हैं, बुढ़ापा दूर होता हैं और शरीर में तेजस, ओजस, वर्चस आता हैं।

 

4. यह भी बात मैंने योगशिक्षकों से सुनी है। की अगर कोई भी व्यक्ति सिर्फ सूर्यनमस्कार ही करे, बाकी व्यायाम, प्राणायाम ना करे। तो भी उसको सारे लाभ इस  सूर्य नमस्कार  योगासन से ही मिल जायेंगे।

 

5. आपके शरीर की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।

 

6. गर्दन, कंधे, और भुजा में दर्द हो तो वह ठीक हो जाता हैं।

 

7. बच्चों की ऊंचाई (Height) बढ़ती है। (14 साल से ऊपर के बच्चों को ही करवाये)

 

8. शरीर लचीला होता हैं। जिससे आपको हर समय ताजगी वह अच्छी फीलिंग आती हैं।

 

9. मानसिक तनाव, डिप्रेशन, टेंशन दूर होती हैं।

 

10. नेत्र ज्योति बढ़ती है। 

 

11. हकलाहट में मदद मिलती हैं

 

12. शरीर का मेटाबॉलिज्म me सुधार होता हैं।

 

13. छाती (सीना) फूलता हैं, ये मेरा व्यक्तिगत अनुभव है। जो एक अच्छी बात हैं। मतलब सिक्स पैक सूर्यनमस्कार से बन जाते हैं। फालतू टॉनिक और शरीर को खराब करने वाले प्रोटीन पाउडर खाने की जरूरत नहीं है।

 

आपने इस पोस्ट में पढ़ा और सीखा Surya Namaskar Mantra Ke Sath kaise kare, सूर्य नमस्कार कैसे करे,  मुझे विश्वास हैं, आप इस पोस्ट को अपने मित्रों के साथ शेयर करेंगे। सूर्य नमस्कार से संबंधित सवाल हो तो पूछ सकते हैं। आपको तुरंत जवाब मिलेंगा।

 

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