पतंजलि कंपनी का इतिहास | पतंजलि कंपनी का मालिक कौन है? Patanjali in Hindi

 पतंजलि कंपनी का इतिहास | पतंजलि कंपनी का मालिक कौन है? Patanjali in Hindi

इस पोस्ट में आप पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड कंपनी की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे।
कंपनी की स्थापना – 2006
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हेडक्वार्टर – हरिद्वार, उत्तराखंड, भारत
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कर्मचारी- 3 लाख ( 2012 के आँकड़ो के अनुसार )
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कुल संपत्ति – 4, 345 करोड़ रुपये ( 2019 )
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लोकप्रिय उत्पाद – दंतक्रान्ति टूथपेस्ट, गाय का घी, सरसो का तेल, आटा नूडल्स।
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मालिक- योगगुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण जी
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पतंजलि कंपनी की शुरुआत कैसे हुई

पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड कंपनी की शुरुआत भारत के दो कर्मयोगी सन्यासी आचार्य बालकृष्ण जी और स्वामी रामदेव जी ने की। इस कंपनी को स्टार्ट करने के दो कारण हैं;- पहला तो, इन दोनों वर्तमान ऋषिओ को अपने आयुर्वेद और योग के ज्ञान को पूरे भारत व दुनिया का दुःख दूर करना था। और दूसरा कारण;- ईस्ट इण्डिया कंपनी की तरह ही आज भी हजारो विदेशी कंपनिया देश की आर्थिक- लूट करके पैसा अपने देश लेकर जा रही हैं, इन सभी कंपनियों को देश से उखाड़ने और और देश की हर चीज का स्वदेशीकरण हो, गरीब, किसान को रोजगार मिले, ग़रीबी मुक्त, सभी को अच्छा खाद्य पर्दाथ मिले इस सोच के साथ पंतजलि का सफर शुरू हुआ था। पतंजलि का उधेश्य है, की आयुर्वेद का प्राचीन शास्त्रीय ज्ञान अपने शुद्ध रूप में आम आदमी तक पहुंचे। कंपनी के सीईओ आचार्य जी कहते हैं, हम भारत को परिवार की तरह देखते हैं, और विदेशी कंपनिया भारत को बाजार की तरह देखती हैं। इसी कारण  पंतजलि आज भारत की नंबर एक
एफएमसीजी कंपनी बन गई है। और दुनिया का नम्बर एक आयुर्वेदिक ब्रांड बन गया हैं।

पतंजलि कंपनी के बारे में जानकारी

पतंजलि के सारे उत्पाद उच्च गुणवत्ता  और इतने सस्ते इसलिए हैं। क्योंकी इस कंपनी की सोच व्यापार करना नही हैं,  उनकी सोच हैं;- स्वदेशी के प्रेरक महापुरुषों के सपनो को हकीकत में बदलना, गांव-गाँव तक स्वदेशी उत्पादों को उपलब्ध करवाना, पतंजलि को बदनाम करने के लिए कई विदेशी कंपनीयो ने साजिश रची। पर कहते हैं, – जीत हमेशा मजबूत संगठन और सत्य की होती हैं। पतंजलि
कंपनी एक नारे पर चलती हैं- सबका स्वास्थ्य, सबको शिक्षा, सबकी समृद्धि, सबकी सेवा। और यह सिर्फ उत्पाद बेचने के लिए नारा नही हैं, इसको स्वामीजी और आचार्य बालकृष्ण जी ने हकीकत में बदल कर दिखाया हैं। पतजंलि देशहित में ना सिर्फ अच्छे उत्पाद लोगो को बनाकर दे रही हैं, इसके अलावा गौशाला, गुरुकुल, धर्मशाला, नारायणकोटी पतजंलि आश्रम व अन्य सैंकड़ो सेवा कार्य प्रतिदिन चल रहा हैं। स्वामी जी कहते हैं- की प्रतिदिन योगाभ्यास कीजिए और पतंजलि के शुद्ध सात्विक उत्पादों के प्रयोग से स्वस्थ रहते हुए देश की सेवा समृद्वि व स्वावलंबन में सहयोग कीजिए। लगभग एक दशक पहले स्वामी रामदेव जब स्वदेशी की बात करते थे, तो लोग उनसे पूछते थे, की बाबा यदि कोकाकोला-पेप्सी ना पीयें तो क्या पीयें? आपके पास क्या विकल्प हैं? इसी प्रकार अन्य उत्पाद में विकल्प न होने की वजह से लोगो को विदेशी उत्पाद खरीदने पड़ते थे। इसी बेबसी के कारण पतंजलि ने बिना किसी सरकारी सहायता, बिना किसी बिजनेसमैन से पैसा लिए, सिर्फ मध्यमवर्गीय लोगो से जो दान, दक्षिणा, श्रद्धापूर्वक देते थे। उसी से पतजंलि का सफर शुरू हुआ। आज पूरे देशभर में पतजंलि के उत्पाद गरीब से लेकर अमीर तक सबकी प्रथम पसंद बन चुके हैं।

 पतंजलि कंपनी  के बारे में 15 रौचक तथ्य

1.पतजंलि ने कपड़ो के मार्केट में उतरते ही सबको हिला दिया। ‘पतजंलि परिधान’ में आपको 100% कॉटन, सुंगधित खुशबू वाले कपड़े और बहुत सारे रोगों से लड़ने वाली स्वदेशी जीन्स, एथनिक वियर, फॉर्मल वियर, योगा और एक्टिविटी वियर इत्यादि कपड़े मिलेंगे। इन सभी कपड़ो को तीन ब्रांड में विभाजित किया हैं। संस्कार, आस्था और लिवफिट।
2. पतंजलि फूडपार्क व हर्बल पार्क के जरिए ग्राहक को सीधे खेत से थाली तक ताजा और शुद्ध भोजन मिले इस पर काम कर रही हैं। इसके के माध्यम से आपको जहरीले रासायनिक खाद  वाले भोजन से छुटकारा मिल जायेंगा।
3. पतजंलि की वजह से आयुर्वेद के पुराने वैद्य (चिकित्सकों) की भी प्रतिभा बढ़ी हैं।
4. जब आधुनिक भारत का इतिहास लिखा जायेंगा, तब उसमें पतंजलि योगपीठ, दिव्य-फार्मेसी, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड का नाम स्वर्णअक्षरों में लिखा जायेंगा।
5. भारत में लगभग 1500 चिकित्सालय, 15000 स्वदेशी केंद्र और 3500 पतंजलि आरोग्य केंद्र हैं। जो यह संख्या अगले दो साल में डबल हो जायेंगी।
6. पतजंलि के इतने बड़े कारोबार के कई कारण हैं पर में आपको आज उस आदमी का नाम बताने जा रहा हूं, जो आज हमारे बीच में तो नही हैं, पर स्वदेशी की आग हर हिंदुस्तानी के दिल में इन्होंने ही लगाई थी, उनका नाम हैं- राजीव भाई जी आज पतजंलि के 50% समर्थक राजीव भाई दीक्षित जी के फॉलोवर (चाहने वाले) हैं। और मुझे खुशी हैं, की रामदेव जी ने आज उनका हर सपना पूरा किया।
7. एक तरफ दूसरी कंपनिया सिर्फ पैसो के चक्कर में आपके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं, वहीं पतंजलि  ने जैविक खेती अपनाने एंव जैविक कीटनाशक के प्रयोग की आवश्यकता पर काम कर रही हैं।
8. पतंजलि कंपनी देश के सभी गुणवत्ता मानक जीएमपी  जैसे आठ का सभी पालन करती हैं।
9. पतंजलि डबल फोर्टिफाइड नमक देश में बनाने वाली भारत की पहली कंपनी या संस्थान हैं। इसके अंदर आपको- जिंक, आयरन, विटामिन्स, माइक्रोन्यूट्रींस आदि मिल जायेंगे।
10.100% कमाई को दान में लगाने का पहला बिजनेस मॉडल पतजंलि ( स्वामी जी और आचार्य जी ) ने खड़ा किया।
11. पतंजलि अगले पाँच सालो में ” रेस्टोरेंट, सोलर लाइट, रेस्टोरेंट, मिट्टी के बर्तन आदि बाजार में उतारेगा।
12. पतजंलि रीसर्च सेंटर हरिद्वार में 200 वैज्ञानिकों की टीम दिन-रात अनुसंधान करती हैं।
13. पतंजलि के सिर्फ पाँच उत्पादों में गौमूत्र मिलाया जाता हैं;-गोमूत्र अर्क, गोनाइल, पंचगव्य, संजीवनी वटी और कायाकल्प तेल। बाकी 1000 प्रोडक्ट्स में बिल्कुल उपयोग नही होता हैं।
14. पतंजलि को सबसे बड़ी सफलता दंतक्रान्ति और गाय के घी में मिली। लगभग 2025 तक 70% बाजार में हिस्सेदारी हो जाएंगी।
15. जिस प्रकार पतजंलि एक के बाद एक हर तरह के क्षेत्र में कदम रख रही हैं, इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं, की 2040 तक पंतजलि दुनिया की नंबर एक   एफएमसीजी  कंपनी बन जायेंगी। इसके अलावा अगले भारत के टाटा-बिरला योगगुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण जी होंगे। आचार्य जी आज भारत के 8 वे सबसे अमीर आदमी है।

पतंजलि प्रोडक्ट्स खरीदारी का मेरा व्यक्तिगत अनुभव

पतंजलि उत्पाद मैं अपने घर में पिछले एक साल से उपयोग कर रहा हूँ। सबसे बढ़िया मुझे स्वदेशी चाय ‘दिव्य पेय” बहुत अच्छा प्रोडक्ट लगा। इसके अंदर 40 प्रकार की औषधिया डली हुई हैं, जो आपको किसी भी प्रकार के इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम, वह मौसमी बीमारियों से बचाती हैं।
इसको पीने के बाद अपमें कमाल की उर्जा आ जाती हैं।
उसके बाद पतजंलि” शुद्ध देशी गाय का घी” 100% असली हैं। कुछ जलने वाले गलत जानकारी देते हैं, ऐसे लोगो से दूर रहे और जो सच्चाई हैं, उस पर विश्वास करें। उसके बाद “पतंजलि हैंडवाश” इससे हाथ धोने के बाद आपके हाथ में जड़ी-बूटियों की खुशबू  आपके हाथ में बनी रहती हैं, आप हाथ सूंघकर खुद महसूस करें। उसके बाद नहाने के साबुन मैं सिर्फ ” पंचगव्य ” इस्तेमाल करता हूँ। इस साबुन से नहाने के बाद आपको शरीर में कभी खुजली नही होंगी। अब मै बात करता हूँ, मेगास्टोर में शॉपिंग करने का मेरा अनुभव शानदार रहा। जब आप पतंजलि मेगास्टोर से कुछ खरीदारी करके, गेट से बाहर निकलते हो, तो एक बहुत जोश भरने वाली भावना आती हैं। आपके मन में अक्सर यह सवाल आता होंगा, की मै गौमाता की सेवा कैसे कर सकता हूँ? देश की सेवा कैसे कर सकता हूँ? तो मेरा जवाब यही हैं, हर चीज स्वदेशी ( जो देश में बनी हुई हैं- औऱ आपके लिए अनूकूल हो ) उसको जमकर ख़रीदे। या फिर खुद कोई भी एक उत्पाद की कंपनी बनाये।

पतंजलि के 15 ज्यादा बिकने वाले उत्पादो की बाजार में हिस्सेदारी और कमाई

● केश क्रांति तेल 825 करोड़ की कमाई एक साल में- बाजार में हिस्सेदारी 8 प्रतिशत.

● सुपर डिशवाश (बर्तन धोने का साबुन)
148 करोड़ की कमाई एक साल में- बाजार में हिस्सेदारी 35 प्रतिशत.

● सौंदर्य फेशवास 228 करोड़ की कमाई एक साल में- बाजार में हिस्सेदारी 10 प्रतिशत.

● एलोवेरा ज्यूस 172 करोड़ की कमाई एक साल में

● एलोवेरा जैल 155 करोड़

● पंतजलि पौवरवीटा 122 करोड

● दंतक्रान्ति टूथपेस्ट 940 करोड़ की कमाई एक साल में- बाजार में हिस्सेदारी 30 प्रतिशत.

● गाय का घी 1600 करोड की कमाई एक साल में- बाजार में हिस्सेदारी 40 प्रतिशत.

● पतजंलि बिस्कुट 380 करोड़ रुपये

● पतंजलि शहद 335 करोड़ रुपये

● सरसो तेल कच्ची घनी का 522 करोड़ रुपये

● वाशिंग पाउडर 325 करोड़ रुपये

● पतजंलि आटा 407 करोड़  रुपये

● च्यवनप्राश 176 करोड़ रुपये

 

पतंजलि के 7 स्वदेशी संकल्प

1.शिक्षा में स्वदेशी का संकल्प ( मैकाले की शिक्षा व्यवस्था को हटाकर ऋषियो की गुरुकुल पद्ति को लाना )
2. स्वदेशी स्वस्थ जीवन पद्धति का संकल्प ( प्रतिदिन योग व आयुर्वेद के नियमो का संकल्प )
3.  चिकित्सा में स्वदेशी का संकल्प ( बीमार पड़ने पर अंग्रेजी चिकित्सा ना लेकर चरक ऋषि के स्वास्थ्य नियमो का पालन करेंगे )
4. भाषा में स्वदेशी का संकल्प ( अपनी मातृभाषा को बातचीत में ज्यादा प्रयोग करेंगे, हस्ताक्षर हिंदी में करेंगे)
5. कृषि में स्वदेशी का संकल्प ( पतंजलि योगपीठ द्वारा पंतजलि ग्रामधोग के माध्यम से कुदरती खेती करना, गोबर खाद- गोमूत्र से, जहरीला यूरिया खाद का उपयोग नही करेंगे)
6. डिजिटल गुलामी से मुक्ति के लिए स्वदेशी सॉफ्टवेयर व एप्स के प्रयोग का संकल्प  ( व्हाट्सएप )
 की तर्ज पर स्वामी जी ने किम्भो एप्प बनाया हैं, 27 अगस्त 2018 लांच किया गया था, लेकिन कुछ तकनीकी खराबी के कारण अभी यह प्लेस्टोर पर नही हैं।
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