हरिद्वार शहर के पर्यटन स्थल | Haridwar City Tourist Places in Hindi

हरिद्वार शहर के पर्यटन स्थल | Haridwar City Tourist Places in Hindi

हरिद्वार शहर को भारत की आध्यात्मिक नगरी भी कहते हैं, इसके साथ ही हरिद्वार हिन्दुओ के सात पवित्र शहरों में से एक हैं। यह भारत के उत्तराखंड राज्य का एक प्रमुख पर्यटन स्थल वाला सिटी है। ऋषिकेश से हरिद्वार 25 किलोमीटर दूर हैं। धार्मिक महत्व के शहर होने के कारण यहाँ पर सालभर बहुत सारे त्यौहार, आयोजन मनाये जाते हैं। सबसे ज्यादा टूरिस्ट भी हरिद्वार घूमने के लिए आते है। घाट, आश्रम, मंदिर यहाँ के आकर्षक का केंद्र हैं। हरिद्वार देवनगरी एक नही एक हजार कारणों से पूरे हिंदुस्तान में प्रसिद्ध है। आज मै आपको हरिद्वार शहर के दस पर्यटन स्थल की पूरी जानकारी दूंगा, यह सब मेरा व्यक्तिगत अनुभव, आपके साथ साझा कर रहा हूँ, जो मैने 2 महीने की यात्रा में प्राप्त किया।

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1.हरिद्वार शहर का प्राचीन  इतिहास

पुरानी हिन्दू कथाओं के अनुसार आयुर्वेद ऋषि धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान अमृत का घड़ा लेकर जा रहे थे, तब उस घड़े की कुछ बूंदे हरिद्वार में गिर गई थी। इसी कारण यहाँ पर हर 12 सालो में कुम्भ मैले का आयोजन होता है।
यह महाकुंभ मैला दुनिया के लिए आश्चर्य की बात होती हैं। लगभ 10 से 15 लाख लोग एक दिन में इस महाकुंभ के शाही-स्नान के लिए इक्कठे होते है। और इस कुंभ मैले में सिर्फ भारत के लोग ही नही, बल्कि पूरी दुनिया से हिन्दू धर्म के लोग हरिद्वार पधारते हैं। महाभारत काल में
हरिद्वार सिटी को गंगाद्वार नाम से पुकारा जाता था।

2. भारत माता मंदिर

इस मंदिर का निर्माण स्व. स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने करवाया था। यह मंदिर भारत का पहला ऐसा मंदिर हैं, जिसमें देश के सभी क्षेत्रों के सफल और महान लोगो की प्रतिमा लगी हुई है। अगर आप पूरे भारत देश को एक ही जगह पर देखना चाहता हैं, तो उस स्थान का नाम हैं। ” भारत माता मंदिर हरिद्वार ”  इस मंदिर में पांच मंजिला बने हुये हैं। हर मंजिला में अलग-अलग क्षेत्रो के संत, ऋषियो, लोक-देवता, नारी-शक्ति, वीर योद्धाओं की प्रतिमा लगी हुई हैं। मंदिर में जाने का टिकट हैं, मात्र 2 रुपये। अगर आप लिफ्ट के द्वारा जाना चाहते हो, तो 5 रूपये का टिकट है। सबसे टॉप की मंजिल पर जाने पर एक खास अनुभव होता हैं। भारत माता मंदिर के अंदर प्रवेश करते ही, आपको भारत देश बड़ा नक्शा हाथ से बनाया हुआ, दिखेंगा। जिसमें  शानदार लाइट लगी हुई हैं। इसके साथ ही आप भारत के सभी राज्यो के नाम, संस्कृति, भाषा का ज्ञान को चित्रपट पर देखेंगे। उनकी द्वादशी पर आयोजित सभा में देश के सभी महान संत-समाज, राजनीतिक दल के लोगो ने शिरकित की, और स्वामी जी की उपलब्धियों को गिनाया।

3. पतंजलि आयुर्वेद हॉस्पिटल,  पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट फेस 1 व फेस 2

आप हरिद्वार में घूमने आये या फिर किसी भी काम से आये और पतंजलि योगपीठ नही देखा तो फिर क्या देखा। योग, ध्यान, शुद्ध भोजन, प्राकृतिक चिकित्सा, पतजंलि योगग्राम,
पतजंलि औषधीय उद्यान हरिद्वार, पतंजलि अनुसंधान केंद्र इन सभी चीजों की सम्पूर्ण जानकारी और दर्शन आपको हरिद्वार- दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने पतंजलि योगपीठ में देखने को मिलेंगी। हरिद्वार में किसी भी जगह पर ठहरे हो, रुड़की वाली सिटी बस पकड़कर आप योगपीठ देखने आ सकते हो।

पतंजलि आयुर्वेद हॉस्पिटल

पतंजलि आयुर्वेद हॉस्पिटल किसी फाइव स्टार होटल से कम नही है। यहाँ पर स्वदेशी आयुर्वेद चिकित्सा के द्वारा इलाज होता है। देश-विदेश से लोग यहाँ पर अपना इलाज करवाने आते हैं। इस अस्पताल में आने के बाद ना सिर्फ आपका रोग खत्म होता हैं, बल्की यहाँ के डॉक्टर आपको कुछ उपयोगी आयुर्वेद के स्वास्थ्य सूत्र भी बताते हैं, जिससे आप जीवनभर निरोग जीवन जीते हैं।  इस हॉस्पिटल के अंदर ही पंतजलि अत्याधुनिक, वातानूकुलित मेगा स्टोर भी हैं जहाँ से आप शोपिंग कर सकते हैं। पतंजलि के बहुत सारे उत्पाद जो आपके शहर में नही मिलते, वो इस मेगा स्टोर में आपको मिल जायेंगे। इसके अलावा पतजंलि परिधान, यज्ञशाला, योगशाला भी इस हॉस्पिटल में हैं। जब आप हॉस्पिटल के दूसरे मंजिल ( दूसरा फ्लोर )
हैं, तो एक खास अनुभव प्राप्त होता है। ऊपर एक पुस्तकालय भी हैं। जहाँ पर आराम से बैठकर भारत के सभी विषयो की किताबे आप पढ़ सकते हो।

पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट फेस 1

पतंजलि आयुर्वेद हॉस्पिटल योगपीठ फेस-एक के अंदर ही आता हैं।  पतजंलि रीसर्च सेंटर से आधा किलोमीटर दूर हैं, यह फेस। बस वाला आपको रीसर्च सेंटर के पास बाए (लेफ्ट साइड ) में उतारेंगा। आपको पूल से नीचे उतरकर, चलके फेस एक में जा सकते हो। या फिर दस रुपये देकर ऑटो रिक्शा भी कर सकते हो।

पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट फेस 2

पतंजलि योगपीठ फेस 2 में पतंजलि आयुर्वेद का सबसे बड़ा योगभवन बना हुआ हैं। स्वदेशी के कट्टर समर्थक
राजीव दीक्षित जी का संगठन भारत स्वभिमान का भवन बना हुआ हैं। सारे स्वदेशी के प्रचार-प्रसार और पतंजलि की मार्केटिंग टीम यही पर काम करती हैं। सोशल मीडिया टीम भी यही काम करती हैं।  बाबा रामदेव जी प्रतिदिन श्रदालुओ को यहाँ पर योग सिखाते हैं। मुझे भी उनसे लाइव मिलने सौभाग्य पतंजलि योगपीठ फेस 2 में ही प्राप्त हुआ। यहाँ पर होने वाली रिकॉर्डिंग आस्था चैनल पर लाइव दिखाई जाती हैं। इसके अलावा इस फेस के पीछे एक बड़ा वानप्रस्थ आश्रम भी बना हुआ हैं। उसमें भी आप घूमेंगे, शाम के समय तो आनंद  प्राप्त होंगा। प्रसादम की भी व्यवस्था अंदर है। यहाँ पर प्रतिदिन चलने वाले योग शिविर में भी जरूर भाग ले।

4. अखिल विश्व गायत्री परिवार

अखिल विश्व गायत्री परिवार शांन्तिकुन्ज भारत का सबसे बड़ा आध्यात्मिक संगठन हैं, जिसके निर्माता पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य हैं। मैने हरिद्वार के अधिकतर लोगो से मिला और  हरिद्वार के टूरिस्ट प्लेस के बारे में बातचीत की, तो सब लोगो का एक ही जवाब था;- शान्तिकुञ्ज हरिद्वार। सबसे दिव्य, भव्य, सुंदर शांतिकुंज हरिद्वार के किसी भी जगह पर आप रुके हुये हो, ऑटो रिक्शा के द्वारा वहाँ पर पहुंचा जा सकता हैं।

5. भारत के सबसे ज्यादा आश्रम हरिद्वार शहर में

यह बात शत प्रतिशत सत्य हैं। मै, खाली सप्तऋषि सरोवर, शांतिकुज नगर एरिया में घूमा, वहाँ पर 100 से ज्यादा आश्रम छोटे-मोटे आश्रम मैने देखे। आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हो, सिर्फ एक एरिया में 100 मतलब
हरिद्वार में 10 से 20 बड़े एरिया है। तो लगभग 500 से ज्यादा आश्रम मौजूद हैं।  सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध आश्रम का नाम हैं;- सप्तऋषि आश्रम, शांन्तिकुन्ज आश्रम, सेवासदन आश्रम (सत्यमित्रानंद जी महाराज)

6. हर की पौड़ी हरिद्वार : मेरा अनुभव

पौराणिक कथाओ के अनुसार जिस स्थान पर अमृत की बूंदे पड़ी थी, वह हर की पौड़ी स्थान हैं।  हर की पौड़ी गंगा घाट हरिद्वार का सर्वोच्च सुंदर, रमणीय और पवित्र घाट है।  हर की पौड़ी को हरिद्वार का दिल माना जाता हैं, क्योंकी कोई भी व्यक्ति पहली बार हरिद्वार में प्रवेश करता है, तो सीधा यही पर उतरता हैं। इस घाट पर लगी भगवान शिव की विशालकाय प्रतिमा पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करती हैं। हर की पेड़ी गंगा घाट पर होने वाली शाम की आरती सभी लोगो का मन खुश करने वाली होती हैं। इस आरती का दिव्य-भव्य रूप टूरिस्ट को जीवनभर याद रहता हैं। आप इस गंगा घाट में सुबह आओ या शाम को आपको नदी  में जलते दीपक तैरते दिखेंगे। यह सभी दीपक, श्रद्धालु अपने पूर्वजो की आत्मा की शांति के लिए जलाते है।

7. पतंजलि योग ग्राम प्राकृतिक चिकित्सा

विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भी हरिद्वार में ही बना है। इसका निर्माण योग गुरु स्वामी रामदेव और उनके साथ काम करने वाले आचार्य बालकृष्ण जी ने करवाया।  यह केंद्र भी पतजंलि आयुर्वेद  के अन्तगर्त आती हैं। इस योग  गांव  अमीर लोग  हैं। उनके लिए अलग 5 स्टार होटल की आवासीय सुविधा हैं। जब इतनी जबरदस्त सुविधा हैं, तो फीस भी एक दिन की बहुत ज्यादा ही होंगी।  गरीब आदमी यहाँ पर प्राकृतिक चिकित्सा नही करवा सकता। लेकिन आप एक पर्यटक हैं, और घूमना चाहते है, तो पूरे योगग्राम का 50 रुपये में आनंद उठा सकते हैं। पतंजलि योगपीठ फेस 1 के अंदर ही योगग्राम की बस खड़ी रहती हैं। सुबह 9 बजे और दोपहर को 2 बजे योगग्राम के लिए रवाना होती हैं। टिकट हॉस्पिटल के पूछताछ कमरे में मिल जायेंगे। टिकट लेते समय घूमने का मत बोलना वरना टिकट नही मिलेंगा, यह बोलना मुझे प्राकृतिक चिकित्सा करवानी हैं, तो डॉक्टर से कुछ सलाह/
पूछताछ  हैं। यहाँ पर आपके लिए 70 रुपये प्लेट में भोजन की उत्तम व्यवस्था भी है।कुल मिलाकर, मेरा योगग्राम का अनुभव शानदार रहा।

8.गंगा घाट हरिद्वार

हरिद्वार में लगभग 12 गंगा घाट हैं, मुझे लगता हैं, हरिद्वार शहर पूरा घाटों से ही बना हुआ हैं। आप हरिद्वार के किसी भी एरिया, क्षेत्र में जाओंगे, हर एरिया में एक बड़े गंगा घाट का आपको दर्शन होंगा। जब गंगा के किसी भी घाट पर जाते है, तो शाम को 4 से 6 बजे के मध्य में जाये। उस समय आप प्रकृति के कुछ खास दृश्यों को अनुभव करोंगे। वो भक्तिमय वातावरण, हरे राम – हरे कृष्णा के भजन, और गंगा तट पर आती लहरों की आवाज सभी पर्यटकों को खुश कर देती हैं। स्नान भी आप यहाँ पर किसी भी समय कर सकते है। सभी पाठको से निवेदन हैं;- पवित्र गंगा नदी में कूड़ा- कचरा न फेके और शैम्पू से ना नहाये।

9. सप्तऋषि आश्रम

सप्तऋषि आश्रम सप्तसरोवर नामक जगह पर आया हुआ है। यह वही आश्रम हैं, जहाँ पर भारत के सात महान ऋषिओ ने तपस्या की थी। शांन्तिकुन्ज आश्रम से महज एक किलोमीटर दूर हैं। लेकिन दोस्तो दुःख की बात यह हैं, की अभी इस आश्रम की हालात बहुत ज्यादा खराब हो चुकी हैं। बहुत सारे अंदर प्राचीन मंदिर टूटी-फूटी अवस्था में है। साफ-सफाई और रहने की अच्छी सुविधा भी  मुझे इतनी यहाँ पर नही दिखी।  इस आश्रम के आगे ही एक प्राचीन हुनमान जी का मंदिर भी है। हर शनिवार 5 बजे आप हलवा- पुड़ी के प्रसादग्रहण कर सकते हैं। ठीक इससे आधा किलोमीटर दूर शांन्तिकुन्ज संस्था का ही एक केन्द्र ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान हैं, जहाँ पर आप वैज्ञानिक किस तरह रीसर्च करते हैं, सारा काम फ्री में देख सकते हो। इसके आलावा आयुर्वेद का काढ़ा भी आप यहाँ पहुंच कर पी सकते हो। मूल्य ना के बराबर। इसके अलावा बहुत सारी अच्छी-अच्छी चीजे आपको यहाँ पर देखने को मिलेंगी।

10. साधु-संतो की नगरी हरिद्वार

बिल्कुल, हरिद्वार सिटी को साधु-संतो की नगरी भी कहा जाता है। इसका मुख्य कारण यहाँ पर सबसे ज्यादा आश्रमो का होना है। इसके अलावा मुख्य कारण देश के बड़े-बड़े आध्यात्मिक संगठन भी यही पर हैं, तो उनके अनुयायी (भक्तों) की संख्या भी लाखो में यही पर रहती है, समयदान या कुछ लोग जीवन दान दे देते हैं। जिसके कारण उनका निवास स्थल हरिद्वार सिटी बन जाता हैं।

 हरिद्वार शहर की 10 विशेषताएं और रौचक तथ्य

1.) भारत देश के दो सबसे शक्तिशाली लोग आयुर्वेद मनीषी आचार्य बालकृष्ण और योगगुरु रामदेव की हरिद्वार कर्मभूमि हैं। यहीं पर पतजंलि का पूरा साम्रज्य खड़ा हुआ हैं।

2.) भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) जैसी बड़ी इंडस्ट्रियल कंपनी भी हरिद्वार में ही है।

3.) भारत के महान सात ऋषियों की तपोभूमि भी हरिद्वार ही है। पुराने समय के श्रेष्ठ मुनि कपिल की जन्मस्थली भी  हरिद्वार हैं।

4.) हरिद्वार का गंगा जल इस पृथ्वी पर अमृत के समान हैं। सबसे ज्यादा ऑक्सीज़न अगर किसी पानी में हैं, तो वह हैं, “गंगा जल”

5.) पर्यावरण से प्यार करने वाले लोगो के लिए हरिद्वार स्वर्ग के समान हैं।

6.) ऋषियो द्वारा निर्मित स्वस्थ परम्परा “चार धाम” यात्रा का प्रवेशद्वार भी हरिद्वार सिटी हैं।

7.) भारत के सुप्रसिद्ध मंदिर मनसादेवी, चंडीदेवी आदि हरिद्वार शहर में मौजूद हैं।

8.) हरिद्वार में कोई आदमी भूखा नही सोता है, इसकी वजह देश के बड़े-बड़े आश्रम और आध्यात्मिक संगठन की कर्मभूमि हरिद्वार हैं।

9.) पुरी दुनिया का एकमात्र कल्पवृक्ष वन हरिद्वार के कनखल नामक एरिया में हैं कनखल हरिद्वार का सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।

10.) हरिद्वार शहर महान ऋषियो, तपस्वियों, महान लोगो  की जन्माष्टमी और कर्मस्थली रहा हैं।

 

हरिद्वार शहर में दो महीने बिताने का अनुभव
( कहा रुके, सस्ता होटल, फ्री भोजन,  शांत जगह )

मेरा दो महीने का अनुभव बहुत ही मनोरंजक, संघर्षपूर्ण और ज्ञानवर्धक रहा। यहाँ पर मैने जीवन जीने की बहुत सारी विधाओं को सीखा। यहाँ से मेरे शरीर का आध्यात्मिक विकास हुआ। मानसिक अवस्था को संतुलित किया। तनाव, डिप्रेशन से बाहर निकलने में सफल हुआ। सबसे शांत जगह आपको शांन्तिकुन्ज आश्रम में और गंगा घाट के किनारे पर मिलेंगी।

महर्षि वाल्मीकि आश्रम हरिद्वार  में फ्री भोजन

महर्षि वाल्मीकि आश्रम में आप मुफ्त में भोजन कर सकते हो, यह पंतजलि योगपीठ फेस-1 में पड़ता हैं। भोजन करने के लिए अवश्य बोले की मैं पतंजलि आयुर्वेद हॉस्पिटल में इलाज करवाने आया हूँ या शिविर में आया हुआ हूँ।  सुबह का भोजन आपको 12 बजे और शाम का 7 बजे मिलेंगा।

शांन्तिकुन्ज हरिद्वार में फ्री भोजन

यहाँ पर आपको किसी प्रकार की कोई समस्या नही, किसी भी समय जा सकते हो, सुबह, दोपहर और शाम। शुद्ध सात्विक भोजन आप निशुल्क यहाँ से प्राप्त कर सकते हो।
100 लोगो के साथ भी आप इस आश्रम में जाकर मुफ्त में भोजन कर सकते हो।

हरिद्वार में सस्ती धर्मशाला होटल

महर्षि वाल्मीकि आश्रम में आप तीन दिन तक मुफ्त में रूक सकते हो। इसके अलावा सबसे बेस्ट शांन्तिकुन्ज हरिद्वार में आप कोई भी एक शिविर में हिस्सा लेकर या कोई भी एक मुफ्त का संस्कार का फार्म भरके 9 से 3 दिन तक दिव्य वातावरण में निशुल्क रूक सकते हो।

दोस्तो मुझे उम्मीद हैं, आपको यह पोस्ट पढ़कर लगभग हरिद्वार के बारे में सारी महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई होंगी। आपको यह पोस्ट कैसी लगी? नीचे कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट कर जरूर बताये और अपने मित्रो के साथ पोस्ट को जरूर साझा करें।

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